हरि न्यूज
नजीबाबाद/बिजनौर। खबर राजनीतिक सूत्रों के हवाले से है कि भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी को गांव-गांव तक पहुंचाने और विपरीत परिस्थितियों में संगठन को मजबूत करने वाले 90 के दशक के कार्यकर्ताओं में आजकल उपेक्षा की भावना देखने को मिल रही है। राजनीतिक सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि जनपद बिजनौर की नजीबाबाद विधानसभा के नांगल सोती क्षेत्र के कई वरिष्ठ भाजपा नेता एवं कार्यकर्ताओं ने संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की है।
सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ भाजपा नेताओं/कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिस दौर में भाजपा का जनाधार सीमित था उस दौर में कार्यकर्ता अपने संसाधनों से पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का काम करते थे, उस समय के समर्पित कार्यकर्ताओं को आज उचित सम्मान और जिम्मेदारी नहीं मिल रही है। उनका आरोप है कि पार्टी के लिए वर्षों तक संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर ऐसे लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है जो हाल के वर्षों में पार्टी से जुड़े या अन्य दलों से आकर अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन की बैठकों, कार्यक्रमों और महत्वपूर्ण निर्णयों में पुराने कार्यकर्ताओं की भागीदारी लगातार कम होती जा रही है। कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि भाजपा की विचारधारा को मजबूत करने के लिए उन्होंने दशकों तक कार्य किया, लेकिन आज उनकी अनुभव क्षमता का लाभ संगठन नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि जिला ओर क्षेत्र के पदाधिकारी उनकी उपेक्षा कर रहे हैं जबकि उन्होंने अपने जीवन का अमूल्य समय संगठन ओर पार्टी को मजबूत बनाने के लिए समर्पित कर दिया।
कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व को उन लोगों की पहचान करनी चाहिए जिन्होंने कठिन समय में संगठन का झंडा उठाया और भाजपा को मजबूत आधार प्रदान किया। उनका मानना है कि पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित कर संगठन को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
राजनीतिक जानकारों का भी मानना है कि किसी भी दल की वास्तविक ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता होते हैं। यदि लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ता है तो इसका प्रभाव संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी रणनीति पर भी पड़ सकता है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के लिए यह आवश्यक है कि वह पुराने कार्यकर्ताओं के अनुभव और समर्पण का सम्मान करते हुए उन्हें संगठन में सक्रिय भूमिका प्रदान करे।
सूत्रों ने बताया कि हालांकि भाजपा के कई पदाधिकारियों का कहना है कि पार्टी में सभी कार्यकर्ताओं को समान महत्व दिया जाता है और संगठन निरंतर विस्तार की प्रक्रिया में नए एवं पुराने कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके बावजूद नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र एवं नांगल सोती क्षेत्र में उठ रही यह चर्चा राजनीतिक गलियारों में बहस का विषय बनी हुई है कि आखिर 90 के दशक में भाजपा की नींव मजबूत करने वाले कार्यकर्ता आज स्वयं को उपेक्षित क्यों महसूस कर रहे हैं।
क्षेत्र में यह मुद्दा लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सभी की निगाहें संगठनात्मक नेतृत्व पर टिकी हैं कि वह पुराने कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।
