May 6, 2026
*पतित पावनी गंगा: कुंडलियाँ छंद* शापित पुरखे तारने,मन में ले संकल्प। भागीरथ ने तप किया,ब्रह्मा दिया विकल्प।।ब्रह्मा...
प्रेम के गीत के लिए–*ओढ़ लिया आसमां* आसमां,अब कोई विस्तार नहीं-एक परत है,जो भीतर की दरारों पर...