
*6000 से अधिक जवान संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था, 13 कंपनियां अर्द्धसैनिक बल की रहेंगी तैनात; 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टर में बांटा मेला क्षेत्र
हरि न्यूज
हरिद्वार। कांवड़ मेला 2026 को सकुशल, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड पुलिस एवं जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पुलिस लाइन रोशनाबाद स्थित बहुउद्देशीय भवन में अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन की अध्यक्षता में कांवड़ मेले में तैनात पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई। ब्रीफिंग में वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
ब्रीफिंग में पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी एसटीएफ निलेश आनंद भरणे, आईजी संचार विम्मी सचदेवा, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। गढ़वाल और कुमाऊं परिक्षेत्र से पहुंचे पुलिस बल के अलावा पीएसी, आईआरबी, होमगार्ड, पीआरडी, वन विभाग, प्रशासन तथा केंद्र से प्राप्त अर्द्धसैनिक बल के जवान भी ब्रीफिंग में शामिल हुए।

कांवड़ मेला क्षेत्र को सुरक्षा और व्यवस्थाओं की दृष्टि से 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुपर जोन की जिम्मेदारी एएसपी स्तर के अधिकारियों, जोन की जिम्मेदारी सीओ और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों तथा सेक्टर की जिम्मेदारी थाना प्रभारी, एसओ और एसएसआई स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। मेले के दौरान 6000 से अधिक पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों की तैनाती रहेगी। इसके साथ ही केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की 13 कंपनियां भी सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करेंगी।
मेले के दौरान चप्पे-चप्पे पर निगरानी के लिए 10 ड्रोन कैमरों के साथ सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जाएगी। इसके अलावा बीडीएस और डॉग स्क्वॉड की टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी। सहायता केंद्रों पर पुलिस, फायर और मेडिकल स्टाफ की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए खोया-पाया केंद्र भी संचालित किए जाएंगे।
एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन ने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि कांवड़ मेला 2026 को सकुशल संपन्न कराना प्रत्येक जवान की जिम्मेदारी है। उन्होंने पिछले कांवड़ मेले और वर्तमान चारधाम यात्रा के दौरान उमड़ी भीड़ का हवाला देते हुए सभी पुलिसकर्मियों से पूरी सतर्कता और मनोयोग के साथ ड्यूटी करने का आह्वान किया। उन्होंने अफवाहों को फैलने से रोकने, किसी भी दुर्घटना या अप्रिय घटना की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने और ड्यूटी के दौरान मूकदर्शक बनने के बजाय सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए।
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली गतिविधियों, भड़काऊ गीतों और सोशल मीडिया पर छोटी घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किए जाने की संभावनाओं को लेकर सतर्क रहने को कहा। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया।
आईजी एसटीएफ निलेश आनंद भरणे ने कहा कि यातायात व्यवस्था कांवड़ मेले की सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सभी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़ा कराने तथा सड़क किनारे पार्किंग पर रोक लगाने के निर्देश दिए। हरकी पैड़ी क्षेत्र में विशेष सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।
आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप ने कहा कि कांवड़ मेला धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है। इसलिए श्रद्धालुओं के साथ पुलिसकर्मियों का व्यवहार शालीन और सहयोगात्मक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटी घटनाओं को समय रहते नियंत्रित करना बेहद जरूरी है, ताकि वे बड़ी घटना का रूप न ले सकें।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि सभी विभागों को एक टीम के रूप में काम करना होगा। किसी भी आपदा या अप्रिय घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग तत्काल मौके पर पहुंचकर संयुक्त रूप से कार्रवाई करें।
एसएसपी नवनीत सिंह ने पुलिस बल को मानसून के मद्देनजर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने जवानों को ड्यूटी के दौरान डंडे, टॉर्च और रेनकोट साथ रखने तथा गर्मी और उमस से बचने के लिए पर्याप्त पानी और ओआरएस का सेवन करने की सलाह दी। उन्होंने निर्देश दिए कि रात्रि में कोई भी कांवड़िया सड़क पर न सोए और पैदल कांवड़ियों को निर्धारित नहर पटरी मार्ग से ही सुरक्षित रूप से गंतव्य की ओर भेजा जाए। डायवर्जन प्वाइंट पर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने को कहा गया।
एसएसपी ने कहा कि मेले के दौरान अधिकारी से लेकर कांस्टेबल स्तर तक आपसी संवाद और सूचना का आदान-प्रदान बेहद जरूरी है। किसी भी महत्वपूर्ण सूचना को तत्काल सेक्टर पुलिस अधिकारी और उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने और समस्या का समाधान करने की भावना से कार्य करने की हिदायत दी।
मेले की निगरानी 24 घंटे कंट्रोल रूम के माध्यम से की जाएगी। पुलिसकर्मियों के लिए वेलफेयर टीम गठित की गई है, जो ड्यूटी के दौरान भोजन, पानी, रेनकोट और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था करेगी। सराहनीय ड्यूटी करने वाले जवानों को प्रतिदिन सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया जाएगा।
कांवड़ मेले में अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के 21, पुलिस उपाधीक्षक 39, निरीक्षक/थानाध्यक्ष 48, उपनिरीक्षक एवं अन्य अधिकारी 424 तथा बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। पीएसी/आईआरबी की 10 कंपनियां और दो प्लाटून, केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की 13 कंपनियां, 700 होमगार्ड, 350 पीआरडी जवान और 800 विशेष पुलिस अधिकारी भी व्यवस्था में सहयोग करेंगे। इसके अलावा घुड़सवार पुलिस, बीडीएस एवं स्वान दल, जल पुलिस, एसडीआरएफ, आपदा राहत दल, क्यूआरटी, फायर सर्विस, सीसीटीवी मॉनिटरिंग सेल, खोया-पाया सेल और संयुक्त पुलिस चौकियां भी सक्रिय रहेंगी।
कांवड़ मेला 2026 के दौरान एसपी सिटी को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की व्यवस्था एसपी देहात देखेंगे। यातायात प्रबंधन और डायवर्जन प्लान की जिम्मेदारी एसपी क्राइम/ट्रैफिक निशा यादव के जिम्मे रहेगी। पुलिस-प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
