
हरि न्यूज
हरिद्वार 17 सितंबर।गायत्री तीर्थ शांतिकुंज एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय में विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शांतिकुंज व्यवस्थापक योगेंद्र गिरि ने विभिन्न विभागों एवं कार्यशालाओं में विधिवत पूजन-अर्चन किया। कार्यक्रम में श्रम, कौशल और सृजन के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कार्य में निष्ठा और उत्कृष्टता का संकल्प लिया गया।

शांतिकुंज के स्वावलंबन कार्यशाला, परिवहन, विद्युत एवं उद्यान विभाग, तथा देव संस्कृति विश्वविद्यालय में निर्माण वर्कशॉप, फार्मेसी एवं ग्राम प्रबंधन विभाग में विश्वकर्मा पूजन किया गया। इन सभी विभागों के कार्यकर्ताओं एवं कर्मचारियों ने पूजन में सहभागिता की। कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों एवं संसाधनों का पूजन कर उनके उचित उपयोग, संरक्षण और रखरखाव का संकल्प लिया गया। वहीं इस दौरान कार्यस्थल की स्वच्छता, उपकरणों के सुरक्षित उपयोग और अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर शांतिकुंज एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित विश्वकर्मा पूजन के माध्यम से श्रम की गरिमा, तकनीकी दक्षता और कार्य के प्रति समर्पण को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।
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जन्मशताब्दी वर्ष के वैश्विक कार्यक्रमों की तैयारी को लेकर बैंकॉक पहुंचे डॉ. पंड्या
हरिद्वार 17 सितंबर।
वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी के जन्मशताब्दी वर्ष के वैश्विक आयोजनों को गति देने के लिए अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पंड्या बैंकॉक पहुंचे। अपने प्रवास के दौरान वे थाईलैंड में गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं एवं परिजनों के साथ संगोष्ठी में भाग लेंगे। इस दौरान जन्मशताब्दी वर्ष के प्रस्तावित कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियान और संगठनात्मक तैयारियों को लेकर मार्गदर्शन देंगे।
बैंकॉक पहुंचने पर स्थानीय गायत्री परिवार के परिजनों ने जन्मशताब्दी समारोह के दलनायक डॉ. पंड्या का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने जन्मशताब्दी वर्ष को लेकर की जा रही तैयारियों और अपनी सहभागिता की जानकारी दी। स्थानीय परिजनों में प्रस्तावित कार्यक्रमों को लेकर उत्साह देखा गया।
प्रवास के दौरान विभिन्न स्तरों पर कार्यकर्ता बैठकें और संवाद कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इनमें क्षेत्रवार संपर्क अभियान चलाने, अधिक से अधिक परिवारों को जन्मशताब्दी वर्ष की गतिविधियों से जोड़ने तथा सामूहिक साधना, सत्संग और जनजागरण कार्यक्रमों को विस्तार देने पर चर्चा होगी। इसके साथ ही दीपयज्ञ, गायत्री साधना, युवा संवाद, महिला जागरण तथा भारतीय संस्कृति एवं जीवन-मूल्यों पर आधारित कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
बैठकों में स्थानीय कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों, जनसंपर्क, कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार और आपसी समन्वय से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी। डॉ. पंड्या स्थानीय परिजनों के साथ संवाद के माध्यम से जन्मशताब्दी वर्ष के संदेश को थाईलैंड के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने की कार्ययोजना पर विचार करेंगे।
उन्होंने बताया कि माता भगवती देवी शर्मा जी के जन्मशताब्दी वर्ष को भारत के साथ विभिन्न देशों में भी जनजागरण और सामाजिक सहभागिता के अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। बैंकॉक प्रवास इसी वैश्विक अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियों को संगठित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
