
हरि न्यूज
हरिद्वार, 2 जून।गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय में इन दिनों बी.टेक. सहित विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रमों की सेमेस्टर परीक्षाएं संचालित हो रही हैं। परीक्षाओं के दौरान छात्रों पर अध्ययन एवं प्रदर्शन का स्वाभाविक दबाव बना रहता है, जिससे मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। छात्रों को तनावमुक्त एवं मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से संकाय में विशेष योगाभ्यास शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
इन योग शिविरों का संचालन संकाय के खेलकूद अधिकारी एवं योगाचार्य डॉ. धर्मेंद्र बालियान के निर्देशन में किया जा रहा है। प्रतिदिन आयोजित योग सत्रों में तकनीकी छात्रों को विभिन्न योग क्रियाओं, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया जा रहा है। डॉ. बालियान ने कहा कि योग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे महर्षि पतंजलि ने मानव जीवन के सर्वांगीण विकास का आधार बताया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का साधन नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, एकाग्रता एवं आत्मविश्वास को विकसित करने का प्रभावी माध्यम भी है।
उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से छात्रों की मानसिक स्थिति संतुलित रहती है, अध्ययन में एकाग्रता बढ़ती है तथा तनाव एवं थकान से मुक्ति मिलती है। योग व्यक्ति की दैनिक जीवनचर्या को व्यवस्थित बनाकर उसे स्वस्थ एवं ऊर्जावान बनाए रखता है। उन्होंने छात्रों से प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।
संकायाध्यक्ष प्रो. मयंक अग्रवाल ने कहा कि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। वर्तमान में संकाय के सभी तकनीकी पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं संचालित हो रही हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों पर अध्ययन का अतिरिक्त दबाव स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। ऐसे समय में योगाभ्यास छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने तथा उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी उद्देश्य से संकाय स्तर पर नियमित योग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो. विपुल शर्मा ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में तकनीकी छात्रों के लिए योगाभ्यास अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान छात्रों को प्राणायाम, जलनेति, सूत्रनेति, अनुलोम-विलोम, कपालभाति तथा विभिन्न सूक्ष्म आसनों का अभ्यास कराया जा रहा है। इन योग क्रियाओं से छात्रों की शारीरिक एवं मानसिक क्षमता में वृद्धि होती है तथा परीक्षा संबंधी तनाव को कम करने में सहायता मिलती है।
संकाय के सहायक कुलसचिव डॉ. पंकज कौशिक ने कहा कि तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों में नवीन अनुसंधान, नवाचार और सृजनात्मक कार्यों के प्रति विशेष रुचि होती है। निरंतर अध्ययन, प्रोजेक्ट कार्यों तथा परीक्षाओं के कारण उन पर मानसिक दबाव बढ़ जाता है। छात्रों को इस दबाव से मुक्त रखने तथा सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने के लिए योग शिविरों के साथ-साथ विभिन्न खेलकूद गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है। इससे छात्र शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से तनावमुक्त एवं शैक्षणिक रूप से अधिक सक्षम बन सकेंगे।
इस अवसर पर डॉ. गजेन्द्र सिंह रावत, डॉ. लोकेश जोशी, डॉ. तनुज गर्ग, डॉ. अनुज शर्मा, डॉ. अतुल वार्ष्णेय, लोकेश भारद्वाज, उमाशंकर, दलजीत सिंह, अशोक सिंह, तरुण ऋषि सहित संकाय के अनेक शिक्षक, कर्मचारी एवं सैकड़ों छात्रों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
योग शिविर में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए इसे परीक्षा तनाव से मुक्ति और आत्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम बताया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी छात्रों के समग्र विकास के लिए ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
