हरि न्यूज / प्रमोद गिरि
हरिद्वार। तीर्थ नगरी हरिद्वार में युवाओं के सामने आजकल सबसे बड़ी समस्या मजबूत और प्रेरणादायी नेतृत्व की कमी सामने आ रही है।सामाजिक,राजनीतिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में स्पष्ट दिशा के अभाव में युवा वर्ग भटकाव की स्थिति में नजर आ रहा है।
एक समय था जब हरिद्वार में युवाओं को मार्गदर्शन देने वाले सशक्त नेतृत्व की मौजूदगी रहती थी,जिससे नई पीढ़ी को आगे बढ़ने का रास्ता मिलता था। लेकिन वर्तमान समय में ऐसा नेतृत्व नदारद दिख रहा है, जिसके चलते युवाओं में असमंजस और निराशा बढ़ती जा रही है। ओर युवा नेतृत्व विहीन होकर नशे ओर असामाजिक तत्वों के आग़ोश में समा रहा है।
स्थानीय युवाओं का कहना है कि तीर्थनगरी हरिद्वार में रोजगार,शिक्षा और सामाजिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर उन्हें सही दिशा नहीं मिल पा रही है।कई युवा सोशल मीडिया और अस्थायी गतिविधियों में उलझकर अपने आप को नेतृत्व विहीन समझकर लक्ष्य से भटक रहे हैं।
तीर्थ नगरी के सामाजिक चिंतकों का मानना है कि यदि युवाओं को समय रहते सही मार्गदर्शन और अवसर नहीं मिले,तो इसका असर समाज और तीर्थनगरी के विकास पर भी पड़ेगा। युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए अनुभवी नेताओं और समाजसेवियों को आगे आना होगा।
सामाजिक विशेषज्ञों का कहना है कि युवा शक्ति किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होती है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि उन्हें सही नेतृत्व,प्रेरणा और अवसर मिले। तीर्थ नगरी हरिद्वार में संतो महंतो महामण्डलेश्वरों एवं नेताओं और समाजसेवियों को युवाओं के लिए ठोस पहल करनी चाहिए,जिससे वे अपने भविष्य को बेहतर दिशा दे सकें और देश ओर समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
