
हरि न्यूज
हरिद्वार। कांग्रेस नेता की ओर से भाजपा नेता के खिलाफ कथित मानहानिकारक एवं आपत्तिजनक बयानों को लेकर कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। कांग्रेस नेता के अधिवक्ता दीक्षा सिंह ने भाजपा नेता को दो करोड़ रुपये की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब देने की मांग की है। नोटिस में कथित तौर पर सोशल मीडिया चैनल के माध्यम से किए गए बयानों को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित भाजपा नेता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना स्पष्टीकरण जारी करने को कहा गया है।

बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता को लेकर भाजपा नेता की ओर से कुछ टिप्पणियां और आरोप प्रसारित किए गए थे। कांग्रेस नेता का आरोप है कि इन टिप्पणियों में एक कैबिनेट मंत्री के साथ उनके संबंधों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के साथ-साथ उनकी पत्नी की नौकरी और अन्य व्यक्तिगत मामलों का उल्लेख किया गया। कांग्रेस नेता की ओर से इसे राजनीतिक विरोध की सीमा से आगे बढ़कर उनके सामाजिक एवं राजनीतिक चरित्र को नुकसान पहुंचाने का प्रयास बताया गया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस नेता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से भाजपा नेता को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से कथित रूप से प्रसारित की गई सामग्री से कांग्रेस नेता की सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है तथा उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है। इसी आधार पर नोटिस के जरिए दो करोड़ रुपये की मानहानि की मांग की गई है।
अधिवक्ता दीक्षा सिंह द्वारा भेजे गए नोटिस में भाजपा नेता को एक सप्ताह का समय देते हुए कथित बयानों और आरोपों पर अपना पक्ष स्पष्ट करने, माफी मांगने तथा संबंधित सोशल मीडिया चैनल के माध्यम से सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की गई है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया या कथित आपत्तिजनक सामग्री को लेकर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस नेता की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इस घटनाक्रम के बाद हरिद्वार की स्थानीय राजनीति में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक ओर कांग्रेस नेता ने इसे अपनी प्रतिष्ठा और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने का मामला बताते हुए कानूनी रास्ता अपनाया है, वहीं अब सभी की निगाहें भाजपा नेता के जवाब पर टिकी हैं।
फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा नेता इस कानूनी नोटिस का किस प्रकार जवाब देते हैं और क्या दोनों पक्षों के बीच यह विवाद कानूनी प्रक्रिया के आगे बढ़ने से पहले समाप्त होता है या फिर मामला न्यायालय तक पहुंचता है।
