
*गुप्त नवरात्रि के अवसर पर श्री आनंद वन समाधि पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज ने देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
हरि न्यूज
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार स्थित प्रख्यात धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्था श्री आनंद वन समाधि में आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ बुधवार को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और वैदिक विधि-विधान के साथ किया गया। इस अवसर पर श्री आनंद वन समाधि पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज ने अपने पूज्य गुरुदेव एवं मां भगवती राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी का विधिवत पूजन-अर्चन कर देश, प्रदेश, समाज तथा समस्त श्रद्धालु भक्तों के सुख, शांति, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।
पूजन के दौरान स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज ने देवी शक्ति की आराधना करते हुए विश्व में शांति, मानवता के कल्याण तथा सनातन संस्कृति की निरंतर उन्नति के लिए विशेष प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि मां भगवती की कृपा से प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए कहा कि सभी भक्त स्वस्थ रहें, आनंदित रहें, धन-धान्य से परिपूर्ण रहें तथा मां भगवती और सद्गुरुदेव महाराज की असीम कृपा उनके जीवन पर सदैव बनी रहे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सच्चे मन, श्रद्धा और पूर्ण विश्वास के साथ की गई देवी उपासना कभी निष्फल नहीं जाती।

स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज ने गुप्त नवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आषाढ़ और माघ मास में आने वाली गुप्त नवरात्रियां विशेष रूप से देवी की गूढ़ एवं तांत्रिक साधनाओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना करने से साधक को आध्यात्मिक शक्ति, मानसिक शांति, आत्मबल और दिव्य ऊर्जा की प्राप्ति होती है। यह पर्व केवल सिद्धि प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम, साधना और ईश्वर से जुड़ने का श्रेष्ठ अवसर भी है।
उन्होंने कहा कि गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के साथ-साथ मां राजराजेश्वरी, त्रिपुर सुंदरी तथा दशमहाविद्याओं की आराधना का भी विशेष महत्व है। जो श्रद्धालु इन दिनों नियम, संयम, जप, तप, ध्यान और पूजा-अर्चना करते हैं, उनके जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।
महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर धर्म, सेवा, सदाचार और संस्कारों को अपने जीवन का आधार बनाएं तथा अधिक से अधिक समय ईश्वर की आराधना, सत्संग और ध्यान में लगाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आध्यात्मिक जीवन ही मानसिक तनाव, अशांति और नकारात्मकता से मुक्ति का सबसे प्रभावी माध्यम है।
गुप्त नवरात्रि के शुभारंभ पर श्री आनंद वन समाधि परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार, देवी स्तुति, आरती और विशेष पूजा-अर्चना के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां भगवती के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं परिवार के कल्याण की कामना की। पूरे परिसर में श्रद्धा और भक्ति का अनुपम वातावरण बना रहा।
