
*नवरात्रि में मां नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा से जीवन में सुख-समृद्धि और नई ऊर्जा का होता है वास:महामंडलेश्वर रामानुज सरस्वती
*भारतीय सनातन संस्कृति में नवरात्रि केवल पूजा-पाठ का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मचिंतन, साधना और आध्यात्मिक जागरण का भी अवसर है
हरि न्यूज
हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार की प्रख्यात धार्मिक संस्था श्री आनंद वन समाधि में शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर मां भगवती की आराधना के लिए विशेष पूजा-अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। नवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण बना हुआ है। मां नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना के माध्यम से श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति, सुख-समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना कर रहे हैं।
सिद्धपीठ श्री आनंद वन समाधि के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज ने कहा कि शारदीय नवरात्रि सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व शक्ति की उपासना, आत्मिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। नवरात्रि में मां नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख-समृद्धि और नई ऊर्जा का संचार होता है। मां भगवती की आराधना श्रद्धालुओं के मन में श्रद्धा, विश्वास और आत्मबल को मजबूत करने की प्रेरणा देती है।
महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज ने कहा कि मां दुर्गा के नौ स्वरूप शक्ति, साहस, ज्ञान, करुणा और धैर्य के विभिन्न रूपों का प्रतीक हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में प्रत्येक स्वरूप की पूजा का अपना विशेष आध्यात्मिक महत्व है। श्रद्धालु मां के विभिन्न स्वरूपों की आराधना कर अपने जीवन में सद्गुणों को अपनाने तथा धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में नवरात्रि केवल पूजा-पाठ का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मचिंतन, साधना और आध्यात्मिक जागरण का भी अवसर है। मां भगवती की उपासना से मनुष्य को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा मिलती है। धार्मिक अनुष्ठान व्यक्ति को मानसिक शांति प्रदान करने के साथ ही परिवार और समाज में सद्भाव, सेवा तथा परोपकार की भावना को प्रोत्साहित करते हैं।
महामंडलेश्वर ने कहा कि मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के साथ अपने आचरण में भी सद्भाव, विनम्रता और मानव सेवा जैसे गुणों को स्थान देना चाहिए। धार्मिक पर्वों का वास्तविक उद्देश्य आध्यात्मिक चेतना को जागृत करना और समाज को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देना है।
श्री आनंद वन समाधि में शारदीय नवरात्रि के दौरान आयोजित विशेष पूजा-अनुष्ठान के माध्यम से मां भगवती के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति का वातावरण बना हुआ है। श्रद्धालु मां नवदुर्गा के चरणों में शीश नवाकर सुख-शांति, समृद्धि और लोककल्याण की प्रार्थना कर रहे हैं।



