
*कनखल पुलिस की लगातार दबिश से घबराकर कोतवाली पहुंचा आरोपी, पुलिस ने लिया हिरासत में
*दिल्ली, नोएडा, अलीगढ़ और बरेली समेत कई स्थानों पर ठिकाने बदलने का आरोप
हरि न्यूज
हरिद्वार। महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कनखल पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म एवं ब्लैकमेलिंग के मामले में वांछित आरोपी को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली, नोएडा, अलीगढ़, बरेली समेत कई स्थानों पर अपना ठिकाना बदल रहा था। पुलिस की लगातार दबिश के बाद आरोपी कनखल कोतवाली पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, 3 सितंबर 2026 को पीड़िता की माता ने कोतवाली कनखल में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि एक युवक ने उनकी नाबालिग पुत्री से दोस्ती कर उसे विश्वास में लिया। आरोप है कि इसके बाद युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया तथा फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देते हुए ब्लैकमेल किया।
पुलिस के अनुसार, धमकी के चलते नाबालिग द्वारा आरोपी को करीब एक लाख रुपये दिए गए। आरोप है कि इसके बावजूद आरोपी लगातार और रुपयों की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली कनखल में संबंधित धाराओं एवं पॉक्सो अधिनियम के तहत मु0अ0सं0 311/2026 दर्ज किया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपना स्थान बदलता रहा और दिल्ली, नोएडा, अलीगढ़, बरेली तथा हरिद्वार में अलग-अलग स्थानों पर रहने की जानकारी सामने आई।
पुलिस की लगातार तलाश और दबिश की कार्रवाई के बीच आरोपी अंततः कनखल कोतवाली पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस टीम ने लगातार की तलाश
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गठित टीम में उपनिरीक्षक देवेंद्र पाल, महिला उपनिरीक्षक सीमा आर्य, कांस्टेबल रणजीत सिंह तथा महिला कांस्टेबल सुष्मिता रावत शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार जारी है।
पुलिस ने महिला एवं बाल अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी को प्राथमिकता देने की बात कही है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।
