
*गुरु के बताए मार्ग पर चलकर गौ, गंगा और गीता की सेवा करना ही सच्ची गुरु भक्ति: महंत प्रणवानंद महाराज
हरि न्यूज
हरिद्वार। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर तीर्थनगरी हरिद्वार के भीमगोड़ा स्थित प्रख्यात धार्मिक संस्था श्री विश्नोई आश्रम में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। आश्रम के परमाध्यक्ष महंत प्रणवानंद महाराज के परम सानिध्य में ब्रह्मलीन महंत राजेन्द्रानंद महाराज का गुरु पूजन एवं स्मरण किया गया। इस अवसर पर गुरु भाइयों और श्रद्धालु भक्तों ने विधि-विधान के साथ गुरु चरणों में श्रद्धा अर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर श्री विश्नोई आश्रम के परमाध्यक्ष महंत प्रणवानंद महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। ब्रह्मलीन सद्गुरुदेव महंत राजेन्द्रानंद महाराज के चरणों में नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची गुरु भक्ति है। उन्होंने कहा कि गुरु से प्राप्त ज्ञान और संस्कारों को अपने जीवन में उतारकर गौ, गंगा और गीता की सेवा करना तथा भगवान जम्भेश्वर की वाणी और उनके संदेश को समाज के कोने-कोने तक पहुंचाना ही गुरु दीक्षा की सार्थकता है।
महंत प्रणवानंद महाराज ने कहा कि सद्गुरु का मार्गदर्शन व्यक्ति को अज्ञानता और अंधकार से निकालकर सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ाता है। हमें अपने गुरुदेव के बताए आदर्शों और सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए समाज में व्याप्त कुरीतियों, अंधविश्वास और सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरु की शिक्षाएं केवल व्यक्तिगत जीवन को ही दिशा नहीं देतीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी सनातन संस्कृति, भारतीय संस्कारों और गुरु परंपरा से जुड़े तथा अपने जीवन में सेवा, सद्भाव और मानव कल्याण को प्राथमिकता दे। गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही समाज में प्रेम, शांति और भाईचारे की भावना को मजबूत किया जा सकता है।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आश्रम में श्रद्धालुओं ने ब्रह्मलीन महंत राजेन्द्रानंद महाराज को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान आश्रम में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।स्वामी गोविंद शरणानंद,स्वामी अमृतानंद,स्वामी सागरानंद,स्वामी विश्वात्मानंद,दीपक विश्नोई सहित सैकड़ों श्रद्धालु भक्तों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
