
हरि न्यूज
हरिद्वार। तीर्थ नगरी हरिद्वार की प्रसिद्ध धार्मिक संस्था श्री आनंद वन समाधि के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज ने कहा कि मां गंगा भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की आस्था का प्रमुख केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि मां गंगा के दर्शन, स्नान और पूजा-अर्चना से मनुष्य के जीवन के सभी पाप समाप्त हो जाते हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है।
महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही ऋषि-मुनियों, संतों और महापुरुषों ने मां गंगा की महिमा का गुणगान किया है। गंगा तट पर साधना और तपस्या करने से आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है तथा मनुष्य का जीवन पवित्र बनता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से मां गंगा की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने में अपना योगदान दे। उन्होंने कहा कि मां गंगा की सेवा करना मानवता की सेवा के समान है।
