
*2024 से फरार चल रहा था आरोपी प्रदीप, कनखल पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई
*आश्रम पर कब्जे और 10 करोड़ रुपये में सौदा करने की साजिश का पुलिस ने किया था खुलासा
*महंत की हत्या के बाद बैंक खाते से लाखों रुपये की धोखाधड़ी का भी आरोप
हरि न्यूज
हरिद्वार। कनखल स्थित श्रद्धा भक्ति आश्रम के महंत रामगोविंद दास की हत्या के मामले में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी को कनखल पुलिस और एसटीएफ ने हिरासत में लिया है। आरोपी की पहचान प्रदीप पुत्र बृजपाल सिंह, निवासी ग्राम ऊदपुर, थाना झिंझाना, जनपद शामली, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी वर्ष 2024 से फरार चल रहा था। उसे 12 अक्टूबर 2026 को पकड़ा गया। पुलिस आरोपी के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
धर्म प्रचार के लिए निकले थे महंत
पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर 2024 को रुद्रनंद पुत्र श्यामलहरी गिरि, निवासी गौरी गीता आश्रम, बिरला मंदिर, रायवाला, देहरादून ने कनखल थाने में महंत गोविंद दास के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, श्रद्धा भक्ति आश्रम, ज्ञानलोक कॉलोनी, कनखल निवासी महंत गोविंद दास 15 जून 2024 को धर्म प्रचार के लिए राजस्थान जाने की बात कहकर आश्रम से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। इस संबंध में गुमशुदगी संख्या 76/24 दर्ज की गई थी।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक मुकेश राणा को सौंपी गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने आश्रम के कार्यकर्ताओं और महंत के परिचितों से पूछताछ की। इस दौरान कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उनसे गहन पूछताछ की गई।
नशीले इंजेक्शन देकर हत्या करने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर महंत को नशीले इंजेक्शन देकर बेहोश करने और इसके बाद गला घोंटकर हत्या करने की बात स्वीकार की थी। आरोपियों ने शव को गंगा नदी में फेंकने की बात भी बताई थी।
पुलिस जांच के अनुसार, हत्या के पीछे श्रद्धा भक्ति आश्रम पर कब्जा करने की साजिश सामने आई थी। आरोपियों पर महंत के हस्ताक्षर से फर्जी वसीयतनामा तैयार कर आश्रम पर अधिकार हासिल करने और आर्थिक लाभ कमाने की योजना बनाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आश्रम का लगभग 10 करोड़ रुपये में सौदा करने की योजना भी बनाई जा रही थी।
चार आरोपी पहले पकड़े गए, दो चल रहे थे फरार
पुलिस के अनुसार, इस मामले में 19 अक्टूबर 2024 को योगी राम गोपाल नाथ, अशोक कुमार, ललित और संजीव को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, सौरभ और प्रदीप फरार चल रहे थे। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
अब आरोपी प्रदीप की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने मामले में फरार चल रहे एक अन्य आरोपी को पकड़ लिया है। पुलिस के अनुसार, प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम में
कनखल थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह रावत, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनुज सिंह, एसटीएफ देहरादून के उपनिरीक्षक नरोत्तम सिंह बिष्ट, अपर उपनिरीक्षक हितेश कुमार तथा हेड कांस्टेबल संजय कुमार, देवेंद्र ममगाईं और वीरेंद्र नौटियाल शामिल रहे।



