
*अखाड़ों के पहलवानों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब, गंगा तट पर भगवान श्रीकृष्ण को कराया स्नान
हरि न्यूज
नांगल सोती/बिजनौर। कृष्ण जन्माष्टमी का उपरांत दशमी तिथि के अवसर पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी नांगल में ऐतिहासिक रामडोल जुलूस श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाला गया। मुख्य बाजार स्थित शिव मंदिर से निकले रामडोल जुलूस का शुभारंभ 95 वर्षीय चमनो देवी एवं राजेश्वरी देवी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
जुलूस के शुभारंभ के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान योगेंद्र अग्रवाल, राजू अग्रवाल, मुकेश शर्मा, सुशील शुक्ला, कैलाश दत्त शर्मा, विजय सिंह, चौधरी गर्विन सिंह, रामपाल सिंह, सुशील कुमार शुक्ला, दिनेश पवार, योगेश शुक्ला, पंडित तुषार, वीरेंद्र शर्मा, सूर्यप्रताप सैनी, गोपाल शर्मा, कुलदीप शर्मा, राजवीर काकरान, मयंक शर्मा, नवनीत कुमार, अश्वनी शुक्ला, सचिन वर्मा, शुभम शर्मा, उमाकांत शुक्ला, सोहित कुमार, शशिकांत शर्मा, चौधरी सिंधुराज सिंह, रामकुमार शर्मा, नवीन अग्रवाल, सतीश वाल्मीकि, प्रदीप वाल्मीकि, मनु शर्मा, मनोज शर्मा, मूला सिंह, टिंकू शर्मा, अन्नू शर्मा, सुबोध वर्मा सहित अनेक गणमान्य लोगों ने जुलूस में सहभागिता कर आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया।
रामडोल कमेटी की ओर से अखाड़ा उस्ताद निखिल सिंह एवं ओमपाल सिंह का पगड़ी बांधकर स्वागत एवं सम्मान किया गया। दोनों अखाड़ा उस्तादों के नेतृत्व में पहलवानों ने जुलूस के दौरान विभिन्न हैरतंगेज करतब प्रस्तुत किए। अखाड़ों के प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। लोगों ने अपने घरों की छतों पर खड़े होकर अखाड़ों के करतबों का आनंद लिया।
इसके बाद रामडोल जुलूस नांगल के विभिन्न मार्गों एवं मोहल्लों से होता हुआ मां गंगा के पावन तट पर पहुंचा। यहां विधि-विधान एवं श्रद्धा के साथ भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को पतित पावनी मां गंगा के निर्मल जल में स्नान कराया गया। इसके बाद देर रात जुलूस पुनः नांगल के विभिन्न मोहल्लों से होते हुए मुख्य बाजार स्थित शिव मंदिर पहुंचा, जहां विधिवत रूप से जुलूस का समापन हुआ।
रामडोल जुलूस को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नांगल थाना प्रभारी अन्नू कुमारी एवं उपनिरीक्षक अफजल खां पुलिस बल के साथ पूरी मुस्तैदी से डटे रहे और जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।
