
*संत-महात्माओं ने ब्रह्मलीन संत के जीवन, सेवा और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण को किया याद
हरि न्यूज
हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला स्थित धार्मिक संस्था श्री सुनहरी आश्रम में ब्रह्मलीन गुरुदेव श्री श्री 1008 परम संत स्वामी चेतनानंद महाराज की 35 वीं पुण्यतिथि श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी मुकेशानंद महाराज के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में संत-महात्माओं ने ब्रह्मलीन संत को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके जीवन, आध्यात्मिक विचारों और समाजसेवा के कार्यों का स्मरण किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत ओम प्रकाश शास्त्री महाराज ने की। इस अवसर पर धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण, सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार तथा संतों के आदर्शों को जीवन में अपनाने पर जोर दिया गया। उपस्थित संतों ने कहा कि महापुरुषों की पुण्यतिथि केवल स्मरण का अवसर नहीं होती, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलने और उनके विचारों को समाज तक पहुंचाने की प्रेरणा भी देती है।
इस मौके पर श्रीमहंत विष्णुदास महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन श्री श्री 1008 परम संत स्वामी चेतनानंद महाराज का संपूर्ण जीवन सनातन संस्कृति और मानव सेवा के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने जीवन पर्यंत समाजसेवा के साथ गौसेवा और गंगा की सेवा को महत्व दिया। उनके विचारों और कार्यों ने धार्मिक परंपराओं के प्रति आस्था रखने वाले लोगों को सदैव प्रेरित किया। ऐसे संतों का जीवन समाज को सेवा, समर्पण, त्याग और सदाचार की राह दिखाता है।
आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी मुकेशानंद महाराज ने कहा कि वे अपने ब्रह्मलीन गुरुदेव स्वामी चेतनानंद महाराज के बताए मार्ग पर चलते हुए सनातन धर्म एवं संस्कृति की परंपराओं को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि गुरुदेव के आदर्श उनके लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे। आश्रम की आध्यात्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना और सेवा कार्यों के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देना उनका संकल्प है।

उन्होंने कहा कि संत-महात्माओं का जीवन समाज को आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ सेवा और सद्भाव का संदेश देता है। उनके उपदेशों को आत्मसात कर समाज में धार्मिक मूल्यों, आपसी सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्मलीन स्वामी चेतनानंद महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने तथा सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। पुण्यतिथि के अवसर पर आश्रम में श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण बना रहा।
इस मौके पर पंडित सुशील शर्मा,पूर्व पार्षद अनिरुद्ध भाटी,पार्षद सूर्यकांत शर्मा,
मक्खन दास, शिव प्रकाश ,महंत नित्यानंद,महंत शुभम गिरि,योगेन्द्रानंद,
महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि,महंत गोविंद दास,श्रीमहंत देवानंद,महंत रविदेव शास्त्री,महंत ज्योतिर्मयानंद ,श्रीमहंत दुर्गादास,महंत सूरजदास, बी.डी.मित्तल,विमलाशर्मा,संतोष गोयल,संजय गोयल,उषा शर्मा,राजेंद्र कंसल,सरोज मित्तल सहित अन्य श्रद्धालु भक्तों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।



