
*साहित्य जगत में गौरवपूर्ण उपलब्धि, The Book of World Records ने किया सम्मानित*
छोटी काशी । साहित्य और काव्य के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए युवा कवयित्री, लेखिका एवं सम्पादिका डॉ. हिना कौसर गोरखपुरी ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि अपने नाम की। *The Book of World Records* के आधिकारिक आयोजन *“छोटी काशी काव्य कुम्भ—सीजन-4”* में डॉ. हिना कौसर गोरखपुरी ने सक्रिय सहभागिता करते हुए *विश्व रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया।*
*कपिलश फाउंडेशन* के तत्वावधान में आयोजित यह ऐतिहासिक साहित्यिक कार्यक्रम *2 अक्टूबर से 5 अक्टूबर 2026 तक लगातार 75 घंटे के अनवरत गीत-काव्य पाठ* के रूप में आयोजित किया गया। चार दिनों तक चले इस भव्य आयोजन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से काव्य की अविरल धारा प्रवाहित की।
इस ऐतिहासिक आयोजन में *डॉ. हिना कौसर गोरखपुरी ने चारों दिनों में एक-एक घंटे तक गीत एवं काव्य-पाठ कर* अपनी साहित्यिक प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी निरंतर और प्रभावशाली काव्य प्रस्तुति को विश्व रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया गया तथा इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए उन्हें *सम्मान एवं प्रमाण-पत्र* प्रदान किया गया।
विश्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने पर डॉ. हिना कौसर गोरखपुरी ने हर्ष, गर्व और गौरव व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके साहित्यिक जीवन के लिए अत्यंत यादगार और प्रेरणादायी क्षण है। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने का अवसर देने के लिए *The Book of World Records, कपिलश फाउंडेशन, आयोजन समिति, आयोजकों, सभी साहित्यकारों एवं सहयोगियों के* प्रति हृदय से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि “कविता और गीत मेरे लिए केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि भावनाओं को समाज तक पहुँचाने का माध्यम हैं। विश्व रिकॉर्ड में दर्ज यह उपलब्धि मेरे लिए सम्मान के साथ-साथ आगे और बेहतर साहित्य सृजन करने की प्रेरणा भी है।”
डॉ. हिना कौसर गोरखपुरी की इस उपलब्धि से उनके परिजनों, शुभचिंतकों और साहित्य प्रेमियों में खुशी और गर्व का माहौल है। यह सम्मान उनके निरंतर साहित्यिक प्रयासों और काव्य के प्रति समर्पण की एक खूबसूरत पहचान बनकर सामने आया है।



