
अधिवक्ता अरुण भदोरिया ने धारा 175(3) BNSS के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की,ज्वालापुर पुलिस से आख्या तलब

हरि न्यूज
हरिद्वार। वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण भदोरिया ने अपने गुरुदेव श्री करौली शंकर महादेव महाराज के संबंध में एक पत्रकार के समाचार पोर्टल पर प्रकाशित कथित आपत्तिजनक शीर्षक को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपने अधिवक्ता कमल भदोरिया के माध्यम से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 175(3) के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने के लिए तृतीय अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन), हरिद्वार के न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है।
प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश शमशाद अली ने थाना ज्वालापुर से इस संबंध में आख्या तलब की है कि शिकायत के संबंध में मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया गया। न्यायालय ने पुलिस से मामले की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। आख्या प्रस्तुत करने के लिए 26 सितंबर 2026 की तिथि निर्धारित की गई है।
प्रार्थना पत्र में अरुण भदोरिया ने कहा है कि उनके गुरुदेव श्री करौली शंकर महादेव महाराज धार्मिक संत, आध्यात्मिक गुरु एवं महामंडलेश्वर हैं तथा देश-विदेश में उनके अनुयायी हैं। प्रार्थी के अनुसार वर्ष 2026 में श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन द्वारा उन्हें महामंडलेश्वर पद से विभूषित किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गोविंदपुरी निवासी संजय कश्यप द्वारा संचालित समाचार पोर्टल ‘भड़ास2मीडिया’ पर प्रकाशित एक समाचार में उनके गुरुदेव के लिए ‘अपराधी बाबा’ शब्द का प्रयोग किया गया। प्रार्थी का कहना है कि उक्त शब्द के प्रयोग से उनके सहित श्रद्धालुओं और अनुयायियों की धार्मिक एवं भावनात्मक आस्था को ठेस पहुंची है।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि समाचार प्रकाशित करने से पूर्व संबंधित न्यायालयों के रिकॉर्ड, किसी मामले में दोषसिद्धि, एफआईआर की वर्तमान स्थिति तथा आरोपपत्र आदि की स्थिति की जांच की गई थी या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। प्रार्थी ने सवाल उठाया कि ‘अपराधी’ शब्द के प्रयोग का आधार क्या था और इसके लिए तथ्य किस स्रोत से प्राप्त किए गए।
अरुण भदोरिया ने न्यायालय को बताया कि उन्होंने इस संबंध में 15 सितंबर 2026 को थाना ज्वालापुर में शिकायत दी थी। कार्रवाई न होने पर 18 सितंबर को एसएसपी हरिद्वार को भी प्रार्थना पत्र दिया गया। वहां से भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने न्यायालय में धारा 175(3) BNSS के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है।
अब न्यायालय द्वारा थाना ज्वालापुर से मांगी गई आख्या के बाद मामले में पुलिस की रिपोर्ट और न्यायालय की आगे की कार्यवाही पर नजर रहेगी। फिलहाल न्यायालय में प्रस्तुत आरोप एवं प्रार्थना पत्र में किए गए दावों पर अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
