
हरि न्यूज
हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार में बढ़ते अवैध नशे के कारोबार और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ राष्ट्रीय सावक मंच एवं भारतीय हिंदूवाहिनी के कार्यकर्ताओं ने घर-घर और जन-जन तक जनजागरण अभियान तेज कर दिया है। अभियान के तहत मंच के कार्यकर्ता हरिद्वार के बुद्धिजीवी, व्यापारी, महिला एवं युवा वर्ग से संपर्क कर तीर्थनगरी की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा कर रहे हैं और समाज के विभिन्न वर्गों से नशे तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान कर रहे हैं।
राष्ट्रीय सावक मंच के संयोजक एवं भारतीय हिंदूवाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रमोहन कौशिक ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध तीर्थनगरी हरिद्वार में अवैध नशे का कारोबार, चरस, स्मैक, अवैध शराब, जुआ, सट्टा और देह व्यापार जैसी सामाजिक समस्याएं पौराणिक नगरी की धार्मिक संस्कृति, पवित्रता और गरिमा को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बताया कि जनजागरण अभियान के दौरान स्कूल-कॉलेजों के प्राचार्यों, प्रोफेसरों, अधिवक्ताओं, चिकित्सकों, संत समाज, व्यापारियों, युवाओं और महिलाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों से लगातार संवाद किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान सभी वर्गों की ओर से सकारात्मक सहयोग मिल रहा है और लोग हरिद्वार की वर्तमान स्थिति को लेकर चिंतित हैं।
चंद्रमोहन कौशिक ने कहा कि हरिद्वार का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पूरे विश्व में है। वर्ष 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ को भव्य और दिव्य स्वरूप में आयोजित करने की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में अर्धकुंभ से पहले तीर्थनगरी में अवैध नशे के कारोबार सहित अन्य सामाजिक कुरीतियों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि नशे का बढ़ता कारोबार विशेष रूप से युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि शाम होते ही रोड़ी बेलवाला से लेकर अलकनंदा क्षेत्र तक गंगा घाटों और फुटपाथों पर नशे की हालत में असामाजिक तत्वों के जमावड़े की शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि इस कारण स्थानीय लोगों में भी असुरक्षा की भावना पैदा होती है और यात्रियों के साथ भी विवाद की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार में देश-विदेश से श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन, पूजन और स्नान के लिए आते हैं। ऐसे में यदि तीर्थयात्रियों को गंगा घाटों पर अव्यवस्थाओं और नशे से जुड़ी गतिविधियों का सामना करना पड़ता है तो इससे तीर्थनगरी की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से गंगा घाटों की स्वच्छता, सुरक्षा और धार्मिक गरिमा बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

चंद्रमोहन कौशिक ने कहा कि गंगा में गिरने वाले गंदे नालों और प्रदूषण की समस्या का भी स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तीर्थनगरी की धार्मिक संस्कृति, पवित्रता और गरिमा की रक्षा तथा युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सावक मंच और भारतीय हिंदूवाहिनी का जनजागरण अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जनजागरण अभियान के बाद हरिद्वार हित से जुड़े मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर संघर्ष भी किया जाएगा।
जनजागरण अभियान के दौरान एसएम जैन पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बत्रा, प्रोफेसर डॉ. संजय माहेश्वरी, कृष्णेंदु विश्वास, डॉ. सचिन माहेश्वरी, वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. सत्यनारायण शर्मा, पूर्व डीजीसी वीरेंद्र तिवारी एडवोकेट, नैनीताल हाईकोर्ट के अधिवक्ता नरेंद्र बाली, एडवोकेट सुनील शर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. शिवम नारायण शर्मा, डॉ. राजेंद्र पाराशर, मां गंगा व्यापार मंडल के अध्यक्ष अरुण प्रकाश राघव, आनंद भट्ट, अनिल सिंघल, सुमित वशिष्ठ, अजीत सिंह, सनी भाटिया, मनीष कक्कड़, गोपाल गोस्वामी, अनिल जगता, चंद्रमोहन शर्मा, समाजसेवी एवं गृहणी वीना भाटिया सहित अनेक व्यापारी एवं समाजसेवियों से भेंट कर हरिद्वार की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर सावक मंच के जिला महामंत्री कीर्तिकांत शर्मा, विशाल यादव, देवेश अरोड़ा, शरद अग्रवाल, जितेंद्र सैनी, राजीव गिरी, विपिन सती, विनोद जैन, साहिल बग्गा, राजीव गुप्ता, मनीष रस्तोगी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
