
हरि न्यूज
हरिद्वार, 3जून। गुरुकुल कांगड़ी विद्यालय विभाग शिक्षक-शिक्षकेत्तर वेलफेयर एसोसिएशन के नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी उत्तराखंड के महामंत्री एवं वरिष्ठ समाजसेवी संजय पालीवाल से शिष्टाचार भेंट कर संगठन की भावी योजनाओं एवं विद्यालय के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर पालीवाल धर्मशाला में आयोजित सम्मान समारोह में नव निर्वाचित पदाधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान संजय पालीवाल ने एसोसिएशन के अध्यक्ष रविकांत मलिक, पूर्व अध्यक्ष अश्वनी कुमार, कोषाध्यक्ष संजन सिंह तथा धीरज कौशिक को पटका पहनाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी की शैक्षिक एवं सांस्कृतिक परंपरा पूरे देश में विशिष्ट पहचान रखती है और इस परंपरा को आगे बढ़ाने में शिक्षक एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
संजय पालीवाल ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की प्रगति उसके शिक्षकों, कर्मचारियों और प्रबंधन के सामूहिक प्रयासों पर निर्भर करती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नव निर्वाचित कार्यकारिणी विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को और अधिक सुदृढ़ बनाने, कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि गुरुकुल की गौरवशाली विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक शिक्षा के अनुरूप नए आयाम स्थापित करने की आवश्यकता है, जिससे संस्था राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रतिष्ठा प्राप्त कर सके।
एसोसिएशन के अध्यक्ष रविकांत मलिक ने सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ विद्यालय के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारियों के सहयोग से विद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन, पारदर्शिता तथा कार्य संस्कृति को और बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जाएंगी।
पूर्व अध्यक्ष अश्वनी कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा व्यवस्था में निरंतर परिवर्तन हो रहा है। ऐसे में गुरुकुल विद्यालय को भी आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का संचालन करना होगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी, व्यावसायिक एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने से विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा विद्यालय की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नई कार्यकारिणी संस्था के विकास को नई गति प्रदान करेगी।
कोषाध्यक्ष संजन सिंह ने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी विद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि वैदिक संस्कृति, भारतीय ज्ञान परंपरा और नैतिक मूल्यों का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां शिक्षा ग्रहण करने वाले अनेक छात्र प्रशासनिक सेवाओं, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, उद्योग, सेना तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देश की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुरुकुल की पहचान संस्कारयुक्त शिक्षा के कारण है और इस परंपरा को आगे बढ़ाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में विद्यालय के विकास, छात्रों के हितों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के कल्याण तथा संस्था की दीर्घकालिक योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी की ऐतिहासिक विरासत और वैदिक शिक्षा की समृद्ध परंपरा को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़कर विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में अभय त्यागी, धीरज कौशिक सहित एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने नव निर्वाचित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए संगठन की सफलता तथा विद्यालय की निरंतर प्रगति की कामना की।
