
*जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं मुख्य नगर आयुक्त ने उत्तरी हरिद्वार में किया स्थलीय निरीक्षण, विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के दिए निर्देश
हरि न्यूज
हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र में लंबे समय से खराब पड़ी सड़कों और नागरिकों को हो रही परेशानियों को लेकर जिलाधिकारी एवं मुख्य नगर आयुक्त द्वारा क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किए जाने पर महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर सड़कों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करना और संबंधित विभागों को उनकी जिम्मेदारी के प्रति सचेत करना जनहित की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सुनील सेठी ने कहा कि उत्तरी हरिद्वार के कई क्षेत्रों में सड़कें लंबे समय से खराब स्थिति में है। जगह-जगह टूटी सड़कों, गड्ढों और निर्माण कार्यों के कारण स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों तथा राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात और लगातार आवाजाही के कारण कई स्थानों पर सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो गई थी।
उन्होंने कहा कि केवल निरीक्षण तक सीमित रहने के बजाय अब संबंधित विभागों को अपनी-अपनी जिम्मेदारी तय करते हुए सड़क मरम्मत और निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना चाहिए। जिन संस्थाओं अथवा विभागों द्वारा सड़कें खोदने, क्षतिग्रस्त करने या निर्माण कार्य के बाद उन्हें पूर्व स्थिति में नहीं लाने के कारण जनता को परेशानी हो रही है, उनकी जिम्मेदारी भी निर्धारित की जानी आवश्यक है।
सेठी ने जिला प्रशासन से मांग की कि निरीक्षण के बाद जिन कार्यों के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनकी प्रगति की रिपोर्ट भी समय-समय पर प्राप्त की जाए। इसके बाद अधिकारियों द्वारा दोबारा स्थलीय निरीक्षण कर यह देखा जाए कि दिए गए निर्देशों के अनुरूप कार्य हुआ है या नहीं। उन्होंने कहा कि नियमित निगरानी और जवाबदेही तय होने से ही सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे।
उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ मेले को देखते हुए हरिद्वार में सड़क, यातायात और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर करना अत्यंत आवश्यक है। उत्तरी हरिद्वार में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भी आवागमन होता है। ऐसे में प्रमुख मार्गों की स्थिति बेहतर होना शहर की व्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
सुनील सेठी ने जिला प्रशासन से अपील की कि जनहित से जुड़े सड़क निर्माण, सीवर, विद्युत एवं अन्य विभागीय कार्यों में आपसी समन्वय स्थापित कर काम कराया जाए, ताकि एक विभाग द्वारा किए गए कार्य के बाद दूसरे विभाग को दोबारा सड़क न खोदनी पड़े। उन्होंने कहा कि इससे सरकारी धन और समय दोनों की बचत होगी तथा जनता को भी बार-बार होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा शुरू किए गए इस निरीक्षण और निगरानी अभियान को आगे भी निरंतर जारी रखा जाना चाहिए, ताकि उत्तरी हरिद्वार सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में भी जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की स्थिति की समीक्षा होती रहे।
