
हरि न्यूज
हरिद्वार, 8 सितंबर। किसी की जिंदगी में रोशनी लौटाने का संकल्प और नशे से दूर रहकर स्वस्थ समाज बनाने का संदेश मंगलवार को केयर कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज, किशनपुर-रोहालकी में गूंजा। जागृति वुमेन कॉन्फ्रेंस (जेडब्ल्यूसी) हरिद्वार की ओर से आयोजित 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान जागरूकता अभियान, नशामुक्ति जागरूकता एवं शपथ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नेत्रदान के महत्व की जानकारी दी गई। इस दौरान 125 विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने नशामुक्त भारत की शपथ ली।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना से हुई। कॉलेज की निदेशक डॉ. प्रीतिशिखा शर्मा और पार्थ शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, जॉलीग्रांट के सहयोग से आयोजित नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम में संस्थान के प्रशासक मनोज कुमार वर्मा और नेत्र रोग विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. सिरोली सिन्हा ने विद्यार्थियों को नेत्रदान की प्रक्रिया, महत्व और इससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद नेत्रदान से किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है। विद्यार्थियों से परिवार और समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया।
जेडब्ल्यूसी की सचिव डॉ. करुणा शर्मा ने नशे के दुष्प्रभावों पर कहा कि नशा व्यक्ति के साथ उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की गई।
यूथ विंग का गठन
कार्यक्रम में केयर कॉलेज में एआईडब्ल्यूसी यूथ विंग का गठन भी किया गया। जेडब्ल्यूसी की संस्थापक सचिव एवं संरक्षक मंजुला भगत ने ऑल इंडिया वुमेन्स कॉन्फ्रेंस की सामाजिक भूमिका और विरासत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था की देशभर में करीब 500 शाखाएं हैं और यह अपने 100 वर्ष पूरे करने जा रही है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक कार्यों, महिला सशक्तीकरण और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
इस अवसर पर कॉलेज की निदेशक डॉ. प्रीतिशिखा शर्मा और डॉ. करुणा शर्मा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। डॉ. कपिल राणा को फैकल्टी कोऑर्डिनेटर बनाया गया। कार्यक्रम में मंजुला भगत, अलका शर्मा, नीरू जैन, राज कुमार शर्मा, डॉ. शुभांगीनी शर्मा, पार्थ शर्मा और अनु धीमान मौजूद रहे।
