
हरि न्यूज
हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र स्थित अमेरिकन आश्रम की भूमि एवं संपत्ति को लेकर शिकायतों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आश्रम की संपत्ति को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे अन्य आश्रमों एवं धार्मिक संस्थानों से जुड़े भूमि विवादों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कई आश्रमों की संपत्तियों को लेकर विवाद सामने आए, लेकिन प्रभावशाली लोगों और क्षेत्रीय नेताओं की मध्यस्थता के बाद कई मामलों को सार्वजनिक चर्चा से दूर कर दिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ मामलों में कथित रूप से आपसी समझौते और राजनीतिक प्रभाव के जरिए विवादों को दबाने का प्रयास किया गया, जबकि एक अन्य आश्रम की संपत्ति को लेकर विवाद आज भी बना हुआ है और मामला न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि धार्मिक एवं आश्रम संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर है तो सभी मामलों में समान रूप से पारदर्शी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती।
अमेरिकन आश्रम की संपत्ति को लेकर भी विभिन्न स्तरों पर शिकायतें सामने आने के बाद मामला लगातार चर्चा में है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ प्रभावशाली लोग आश्रम की संपत्ति से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। इसी क्रम में एक व्यक्ति पर भू-माफिया गतिविधियों से जुड़े होने के आरोप लगाते हुए स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि वह स्वयं को एक पत्रकार संगठन का सर्वेसर्वा बताकर अपनी सामाजिक एवं राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल कर रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पत्रकारिता अथवा किसी संगठन से जुड़े पद की पहचान का इस्तेमाल यदि किसी निजी या संपत्ति विवाद में राजनीतिक संरक्षण अथवा प्रभाव बनाने के लिए किया जाता है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना भी आवश्यक है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि आश्रमों और धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियां केवल निजी संपत्ति नहीं होतीं, बल्कि उनसे धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियां जुड़ी होती हैं। इसलिए ऐसी संपत्तियों को लेकर किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर प्रशासन को दस्तावेजों, राजस्व अभिलेखों, ट्रस्ट संबंधी कागजात और न्यायालयीन स्थिति की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अमेरिकन आश्रम की भूमि से संबंधित सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए। साथ ही भूपतवाला क्षेत्र के अन्य आश्रमों की विवादित संपत्तियों के मामलों की भी जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि किन मामलों में न्यायालय में वाद लंबित हैं और किन मामलों में प्रशासनिक अथवा आपसी स्तर पर समाधान किया गया है।
अब देखना यह होगा कि लगातार उठ रहे आरोपों और शिकायतों के बीच प्रशासन पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और आश्रम की संपत्ति से संबंधित विवाद का दस्तावेजों एवं कानून के आधार पर किस प्रकार समाधान सामने आता है। क्षेत्रवासियों की नजर अब प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों पर टिकी है।
