
26 विद्यालयों के शिक्षकों और बच्चों ने प्रस्तुत किए रचनात्मक एवं नवाचारपूर्ण शिक्षण मॉडल
हरि न्यूज
लालढांग/हरिद्वार। समानता फाउंडेशन द्वारा शिक्षा विभाग के सहयोग से राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) गैंडीखाता में तीसरे होलिस्टिक एजुकेशन फेयर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्यामपुर एवं लालढांग क्लस्टर के लगभग 26 विद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी रचनात्मकता, नवाचार और सीखने के अनुभवों का प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर समानता फाउंडेशन की ओर से होलिस्टिक एजुकेशन फेयर को नई पहचान देते हुए ‘CRAFT-ED’ — Crafting the Future of Teaching; Together, Across Cultures नाम दिया गया। आयोजन का उद्देश्य शिक्षकों और विद्यार्थियों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना रहा, जहां वे शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया को अधिक रचनात्मक, सरल, प्रभावी और आनंददायक बनाने के लिए तैयार की गई सामग्री एवं गतिविधियों को साझा कर सकें।
कार्यक्रम में भाषा (Language), विज्ञान (Science), गणित (Maths) एवं पर्यावरण अध्ययन (EVS) विषयों के अंतर्गत शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLMs) प्रदर्शित किए गए। इन मॉडलों और सामग्री के माध्यम से विद्यार्थियों ने कठिन एवं जटिल अवधारणाओं को सरल और रोचक तरीके से समझाने के प्रयास प्रस्तुत किए। विभिन्न विद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने अपने-अपने मॉडल और परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

आयोजन में बच्चों और शिक्षकों सहित लगभग 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ समानता फाउंडेशन की एडवाइजरी बोर्ड सदस्य श्रीमती मालती जी, फाउंडेशन की डायरेक्टर तान्या खेरा जी तथा श्री प्रशांत आनंद जी द्वारा किया गया। वहीं कार्यक्रम में CEO श्री अमित चंद जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने विद्यार्थियों की परियोजनाओं और शिक्षण सामग्री का अवलोकन किया तथा उनकी रचनात्मक सोच और प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे आत्मविश्वास और उत्साह के साथ अपनी परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। बच्चों ने विभिन्न विषयों से संबंधित मॉडल, गतिविधियों और शिक्षण सामग्री के माध्यम से यह प्रदर्शित किया कि किस प्रकार रचनात्मक तरीकों का प्रयोग कर पढ़ाई को अधिक सहज और प्रभावी बनाया जा सकता है। शिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया में नवाचार की भूमिका पर चर्चा की।

समानता फाउंडेशन की ओर से बच्चों और शिक्षकों के परिश्रम तथा उत्कृष्ट प्रस्तुतियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं उपहार प्रदान किए गए। पुरस्कार वितरण के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह दिखाई दिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में GIC गांधीखाता के प्रभारी श्री ओम बढ़ानी जी का विशेष सहयोग एवं समर्थन रहा। समानता फाउंडेशन की ओर से श्री गुनीत सेखों सहित अन्य टीम सदस्य भी मौजूद रहे। टीम के सदस्यों ने कार्यक्रम के संचालन, समन्वय और विभिन्न गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पांच वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कार्यरत है फाउंडेशन
गौरतलब है कि समानता फाउंडेशन पिछले पांच वर्षों से अपने ‘व्होल स्कूल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम’ (Whole School Transformation Program) के माध्यम से बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है। फाउंडेशन का प्रयास विद्यालयी शिक्षा को अधिक समावेशी, रचनात्मक और अनुभवात्मक बनाने की दिशा में केंद्रित है।
CRAFT-ED इसी प्रयास की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। इसके माध्यम से बच्चों और शिक्षकों को अपनी रचनात्मकता, नवाचार और सीखने के अनुभवों को साझा करने के साथ-साथ अन्य प्रतिभागियों से सीखने का अवसर मिलता है। इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, प्रस्तुतीकरण क्षमता, समस्या समाधान की सोच और विषयों को व्यावहारिक रूप से समझने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के सीखने को अनुभवात्मक और आनंदमय बनाने के साथ-साथ उनकी रचनात्मक अभिव्यक्ति को भी प्रोत्साहित किया। आयोजकों के अनुसार, CRAFT-ED जैसे मंच शिक्षकों और विद्यार्थियों को साथ मिलकर सीखने, प्रयोग करने और नए विचारों को सामने लाने का अवसर प्रदान करते हैं। आयोजन को शिक्षा के क्षेत्र में रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।
