
विद्यार्थियों ने उत्पादों की बिक्री, संवाद कौशल और उद्यमिता की प्रतिभा का किया प्रदर्शन
हरि न्यूज
हरिद्वार, 14 अक्टूबर। गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय में उद्यमिता प्रकोष्ठ (ई-सेल जीकेवी) की ओर से ‘सेल इट लाइक ए फाउंडर’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह नेशनल एंटरप्रेन्योरशिप चैलेंज-2026 के इस चरण का अंतिम कार्यक्रम रहा। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच, संवाद कौशल और उत्पादों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर बेचने की क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में रमन यादव ने प्रथम, आयुष शर्मा ने द्वितीय और दीपक कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता की भावना विकसित करने के साथ उनके संवाद कौशल, योजना निर्माण, ग्राहकों की आवश्यकताओं को समझने और उन्हें उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित करने की क्षमता को बढ़ावा देना था।
उद्यमिता प्रकोष्ठ (ई-सेल जीकेवी) के संयोजक युवा वैज्ञानिक डॉ. लोकेश जोशी ने बताया कि प्रतियोगिता के अंतर्गत विद्यार्थियों को स्मार्टफोन, पावर बैंक और ईयरबड्स में से किसी एक उत्पाद को बेचने की चुनौती दी गई। प्रत्येक प्रतिभागी को मंच पर आकर एक घूमता हुआ पहिया घुमाना था, जिसके माध्यम से उसे तीनों उत्पादों में से कोई एक उत्पाद दिया जाता था। इसके बाद प्रतिभागी को संबंधित उत्पाद की विशेषताओं और उपयोगिता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए निर्णायकों को उसे खरीदने के लिए प्रेरित करना था।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में केवल उत्पाद की विशेषताएं बताना ही पर्याप्त नहीं था, बल्कि प्रतिभागियों की रचनात्मक सोच, व्यावसायिक समझ, संवाद कौशल, ग्राहकों की जरूरतों को पहचानने और कठिन सवालों के जवाब देने की क्षमता का भी मूल्यांकन किया गया। निर्णायक के रूप में डॉ. प्रवीण कुमार पांडेय और आयुष कुमार सिंह उपस्थित रहे।
संकायाध्यक्ष प्रो. मयंक अग्रवाल ने कहा कि ई-सेल जीकेवी का उद्देश्य विद्यार्थियों को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने, समस्याओं का समाधान खोजने और अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसी क्रम में पूर्व में यूरेका, स्टार्टअप मास्टर क्लास, गेस थिंक विन, लिंक्डइन प्रेजेंटेशन और स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जैसी गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल तकनीक और बाजार प्रतिस्पर्धा का है। किसी उत्पाद का निर्माण करना एक महत्वपूर्ण चरण है, लेकिन उसे बाजार तक पहुंचाना और ग्राहकों के बीच उसकी पहचान बनाना भी उतना ही आवश्यक है।
प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ. प्रवीण कुमार पांडेय ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि किसी भी उत्पाद या व्यवसाय के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उसकी पूरी जानकारी होना आवश्यक है। अधूरे ज्ञान के आधार पर किसी उत्पाद को प्रभावी ढंग से बेचना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी उत्पाद की सफलता के लिए उसके प्रति लोगों का विश्वास और ग्राहकों का एक मजबूत समूह तैयार करना जरूरी है। संतुष्ट ग्राहक लंबे समय तक कंपनी से जुड़े रह सकते हैं।
सहायक कुलसचिव डॉ. पंकज कौशिक ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में नई सोच विकसित करने और उनकी प्रतिभा को निखारने में सहायक होते हैं। ई-सेल जीकेवी की ओर से समय-समय पर आयोजित की जाने वाली गतिविधियां विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं।
सहायक प्रोफेसर आयुष कुमार सिंह ने कहा कि प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को यह सीखने का अवसर मिला कि किसी व्यवसाय की सफलता के लिए केवल अच्छा उत्पाद या विचार होना पर्याप्त नहीं है। उत्पाद को सही तरीके से प्रस्तुत करना, ग्राहकों की जरूरतों को समझना और उन्हें उसकी उपयोगिता से परिचित कराना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और व्यावसायिक समझ विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



