
जनसंपर्क अभियान के दौरान संत-महंतों एवं श्रद्धालु सहयोगियों को पटका व प्रतीक चिन्ह देकर किया सम्मानित, रामलीला में सहभागिता का दिया निमंत्रण

*श्रीरामलीला हमारी सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा :स्वामी शिवानंद भारती महाराज
*भगवान श्रीराम का जीवन मानव समाज के लिए आदर्श और प्रेरणा का स्रोत :महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि महाराज
हरि न्यूज
हरिद्वार। श्रीरामलीला समिति भूपतवाला द्वारा इस वर्ष भी श्रीरामलीला के भव्य एवं आकर्षक आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं। समिति के अध्यक्ष अमित गुप्ता एवं नगर निगम पार्षद सूर्यकांत शर्मा के संयोजन में समिति के पदाधिकारी एवं सम्मानित सदस्यगण जनसंपर्क अभियान चलाकर वरिष्ठ संत-महंतों, गणमान्य नागरिकों एवं श्रद्धालु सहयोगियों से संपर्क कर रहे हैं।
जनसंपर्क अभियान के दौरान समिति के पदाधिकारी पिछले वर्षों में रामलीला आयोजन में मिले सहयोग के लिए संतों, समाजसेवियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें पटका एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित कर रहे हैं। साथ ही रामलीला का निमंत्रण पत्र भेंट कर इस वर्ष होने वाले मंचन में शामिल होने का आग्रह किया जा रहा है।
समिति पदाधिकारियों में अध्यक्ष अमित गुप्ता एवं पार्षद सूर्यकांत शर्मा ने कहा कि श्रीरामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। रामलीला के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से सत्य, धर्म, मर्यादा, त्याग, सेवा और कर्तव्य के संदेश को समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में भूपतवाला क्षेत्र की जनता, संत समाज, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों एवं श्रद्धालुओं का रामलीला आयोजन को भरपूर सहयोग मिला है। इसी सहयोग और उत्साह को देखते हुए समिति इस वर्ष भी रामलीला को भव्य स्वरूप देने के लिए तैयारियों में जुटी है।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मानव समाज के लिए आदर्श और प्रेरणा का स्रोत है। रामलीला के मंचन के माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों, संस्कारों और मर्यादा से परिचित कराने का कार्य किया जाता है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से रामलीला आयोजन में सहयोग एवं सहभागिता करने का आह्वान किया।
स्वामी शिवानंद भारती ने कहा कि श्रीरामलीला हमारी सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात कर समाज में प्रेम, भाईचारा, सद्भाव और संस्कारों को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने समिति द्वारा किए जा रहे जनसंपर्क एवं सम्मान अभियान की सराहना करते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
समिति पदाधिकारियों में नीरज शर्मा ,प्रमोद पाल,आदर्श पाण्डेय ने संयुक्त रूप से ने कहा कि रामलीला के आयोजन को सफल बनाने में संत समाज, श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों का सहयोग महत्वपूर्ण है। समिति द्वारा इसी उद्देश्य से सभी सहयोगियों से संपर्क कर उन्हें आयोजन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इस दौरान समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने संत-महंतों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में रामलीला मंचन में पहुंचकर भगवान श्रीराम के आदर्शों पर आधारित विभिन्न लीलाओं का दर्शन करने का आग्रह किया।
