
*हिन्दी को राष्ट्र की एकता और गौरव का आधार बताते हुए विद्यार्थियों ने लिया मातृभाषा के सम्मान का संकल्प
हरि न्यूज
हरिद्वार। स्वामी श्रद्धानन्द की तपस्थली एवं कर्मभूमि गुरुकुल कांगड़ी विद्यालय, हरिद्वार में सोमवार, 14 सितंबर 2026 को हिन्दी दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8 बजे हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने हिन्दी भाषा के प्रति अपने सम्मान एवं समर्पण को व्यक्त करते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया।

महर्षि दयानन्द सरस्वती द्वारा हिन्दी के सम्मान में दिए गए विचारों को स्मरण करते हुए विद्यालय में हिन्दी भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि हिन्दी देश की एकता और सांस्कृतिक विविधता को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण भाषा है। हिन्दी के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच संवाद और आपसी जुड़ाव को और मजबूत किया जा सकता है।
हिन्दी हमारी मातृभाषा और राष्ट्र का गौरव : डॉ. विजेन्द्र शास्त्री
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. विजेन्द्र शास्त्री ने हिन्दी को राष्ट्र का गौरव बताते हुए कहा कि हिन्दी भाषा में सरलता, सरसता और अपनत्व का भाव निहित है। हिन्दी का प्रयोग एवं आपसी व्यवहार में इसके प्रति सम्मान व्यक्ति को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को हिन्दी भाषा का अधिकाधिक प्रयोग करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि वर्षभर शुद्ध एवं प्रभावी हिन्दी भाषा का प्रयोग करने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और विचारों की पहचान भी है।
हिन्दी के शुद्ध प्रयोग पर दिया जोर
विद्यालय के मुख्याधिष्ठाता डॉ. दीनानाथ शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद हिन्दी को व्यापक रूप से राजकीय एवं सामाजिक व्यवहार में स्थापित करने की दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि हिन्दी को संस्कृत भाषा की समृद्ध परंपरा से जोड़ते हुए अपने दैनिक कार्यों एवं व्यवहार में शुद्ध हिन्दी के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से हिन्दी के प्रति सम्मान की भावना रखते हुए इसके अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया।
हिन्दी माथे की बिन्दी के समान : डॉ. योगेश शास्त्री
डॉ. योगेश शास्त्री ने हिन्दी भाषा को माथे की बिन्दी के समान बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मातृभाषा के प्रति गौरव और सम्मान का भाव रखना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से हिन्दी के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया।
प्रश्नोत्तरी, कविता वाचन और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित
हिन्दी दिवस के अवसर पर विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए प्राथमिक एवं माध्यमिक वर्ग की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, कविता वाचन, भाषण, पुस्तक सुव्यवस्था एवं सुलेख प्रतियोगिता सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए हिन्दी भाषा के प्रति अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।
भाषण प्रतियोगिता में मोक्ष, भानू प्रताप, तरुण सिंघल सहित अन्य विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। कविता वाचन प्रतियोगिता में युवराज, केशव वर्मा, अनन्त शर्मा सहित विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
पुस्तक सुव्यवस्था प्रतियोगिता में हर्ष कुमार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सुलेख प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में यशवर्धन ने प्रथम, अर्णव कुमार ने द्वितीय तथा तरुण सिंघल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। जूनियर वर्ग में कृष्णा सैनी ने प्रथम, कृष्णा चौहान ने द्वितीय तथा युवराज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय की ओर से पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
हनुमान चालीसा के सस्वर पाठ से भक्तिमय हुआ वातावरण
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा हनुमान चालीसा का सस्वर गायन भी किया गया। सामूहिक गायन से विद्यालय परिसर का वातावरण भक्तिमय हो गया। संगीत के विद्यार्थियों का मार्गदर्शन धर्मेन्द्र आर्य ने किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपने वक्तव्यों और प्रस्तुतियों के माध्यम से हिन्दी भाषा के महत्व, उपयोगिता एवं गौरव को रेखांकित किया। वक्ताओं ने कहा कि हिन्दी को केवल हिन्दी दिवस तक सीमित न रखकर वर्षभर दैनिक जीवन, अध्ययन और व्यवहार में अपनाने की आवश्यकता है।
शिक्षक-कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने लिया सहभागिता
हिन्दी दिवस कार्यक्रम के संयोजक एवं संचालन की जिम्मेदारी हिन्दी प्रवक्ता अशोक कुमार आर्य एवं दीप कमल ने निभाई। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी प्राध्यापक, अधिष्ठाता, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डॉ. योगेश शास्त्री, हुकमचन्द, अश्विनी कुमार, अमर सिंह, बृजेश सिंह, वेदपाल सिंह, लोकेश सिंह, अमित कुमार, राज कमल, अशोक कुमार, विजय कुमार, धर्म सिंह, मामराज सिंह, धीरज दत्त कौशिक, तुषार सिंह, अनुज, भास्कर पाण्डे, सुमांशु, धर्मेन्द्र आर्य, धर्मेन्द्र सिंह, गौरव मलिक, मोहित, आदर्श भारद्वाज सहित समस्त अधिष्ठातागण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को हिन्दी भाषा के अधिकाधिक प्रयोग तथा अपनी मातृभाषा के सम्मान एवं संवर्धन के लिए प्रेरित किया गया। हिन्दी दिवस समारोह ने विद्यार्थियों में हिन्दी के प्रति गौरव, आत्मीयता और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।
