
16 अगस्त से जनजागरण अभियान, 17-18 अगस्त को अधिकारियों को सौंपे जाएंगे ज्ञापन

हरि न्यूज
हरिद्वार। जनपद स्तर के अधिकारियों द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से पद के विपरीत कार्य लिए जाने और उनके उत्पीड़न के विरोध में चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ ने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों से उनकी पदावली के विपरीत कार्य लेने अथवा कार्य के लिए दबाव बनाने की कार्रवाई किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शुक्रवार को आंदोलन के प्रथम चरण के पांचवें दिन प्रदेशभर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने काली फीती बांधकर अपने कार्यों का निर्वहन करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उत्तरकाशी में जिलाध्यक्ष महेंद्र पड़ियार व अर्जुन पड़ियार, देहरादून में जिलाध्यक्ष नवीन नवानी व सौरभ सिंह, अल्मोड़ा में जिलाध्यक्ष पूरण सतवाल, मंत्री त्रिलोक सिंह, जिलाध्यक्ष ललित शाह व सुरेश गोस्वामी तथा रुद्रपुर में जिलाध्यक्ष भोपाल शाह सहित विभिन्न जनपदों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शन में भाग लिया।

प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा, महामंत्री सुनील अधिकारी, प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र तेश्वर, जिला मंत्री राकेश भंवर तथा संगठन सचिव संदीप शर्मा ने कहा कि संगठन की मांगों को लेकर अभी तक किसी भी अधिकारी की ओर से वार्ता के लिए संगठन को आमंत्रित नहीं किया गया है। इससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लेब सहायक, डार्क रूम सहायक और ओटी सहायक के करीब 200 पदों पर पदोन्नति के मामले में भी महानिदेशालय एवं शासन स्तर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में 16 अगस्त से जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान कर्मचारियों को आंदोलन की आगामी रणनीति और उसे प्रभावी बनाने की जानकारी दी जाएगी। इसी दिन प्रदेश पदाधिकारियों की वर्चुअल बैठक आयोजित कर आंदोलन को और उग्र करने की रणनीति तय की जाएगी।
संघ के अनुसार 17 और 18 अगस्त 2026 को प्रदेश के समस्त मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, प्रमुख अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों तथा ऋषिकुल-गुरुकुल राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय एवं कॉलेज के परिसर निदेशक के माध्यम से महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव को ज्ञापन भेजे जाएंगे।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि अधिकारियों द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से पद के विपरीत कार्य कराया जा रहा है अथवा ऐसा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का उत्पीड़न किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। संघ ने सभी जनपद अध्यक्षों और मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि आवश्यकता पड़ने पर जनपद स्तर पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी आंदोलन की अलग रणनीति तैयार की जाए।
काली फीती बांधकर विरोध प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा, छत्रपाल सिंह, राजेंद्र तेश्वर, राकेश भंवर, मूलचंद चौधरी, बद्री प्रसाद, संदीप शर्मा, मुकेश कुमार, ताजबर सिंह, मनीष, अनिल कुमार, पप्पू, प्रबल सिंह, नीलम, ईशा, डोली, बाला देवी, बृजेश सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल रहे। संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगामी चरणों में और अधिक उग्र किया जाएगा।
