
हरि न्यूज
नजीबाबाद/बिजनौर। जनपद बिजनौर के नजीबाबाद, नगीना, रायपुर, बढ़ापुर एवं आसपास के क्षेत्रों में अवैध मिट्टी और रेत खनन का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिन-रात सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन न केवल सरकारी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि आम नागरिकों की जान के लिए भी गंभीर खतरा बने हुए हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपरों की तेज रफ्तार के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कई लोगों की जान जा चुकी है और अनेक परिवार दुर्घटनाओं का दंश झेल रहे हैं। इसके बावजूद अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी कार्रवाई होती दिखाई नहीं देती।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों और कथित दलालों के संरक्षण में यह कारोबार संचालित हो रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभागों को स्थिति की पूरी जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई अपेक्षित स्तर पर नहीं हो रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार अवैध खनन केवल राजस्व की हानि ही नहीं पहुंचाता, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन को भी प्रभावित करता है। नदियों और खेतों से अनियंत्रित खनन के कारण भू-क्षरण, जलस्तर में गिरावट तथा कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है।


रितेश सैन सामाजिक कार्यकर्ता नजीबाबाद बिजनौर उत्तर प्रदेश एवं क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने जिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन तथा खनन विभाग से मांग की है कि अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध संयुक्त अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नियमित जांच अभियान, सीसीटीवी निगरानी तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जनता का सवाल है कि आखिर कितनी और दुर्घटनाओं तथा कितनी और जानों के नुकसान के बाद प्रशासन इस गंभीर समस्या पर प्रभावी कदम उठाएगा? अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
रितेश सैन
सामाजिक कार्यकर्ता नजीबाबाद बिजनौर उत्तर प्रदेश
