
हरि न्यूज
हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं श्री मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को माता का स्वरूप माना गया है तथा वृक्ष, नदियां, पर्वत और वन्य जीव हमारे जीवन का अभिन्न अंग हैं।
श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिवस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए निरंतर चलने वाला अभियान होना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान और प्रकृति के संरक्षण के लिए कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। यह अभियान मातृ शक्ति के प्रति सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संगम है। उन्होंने कहा कि लगाया गया पौधा तभी सार्थक होगा, जब उसकी नियमित देखभाल कर उसे वृक्ष बनाया जाए।
श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि एक वृक्ष अनेक लोगों को जीवनदायी ऑक्सीजन प्रदान करता है तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण के अभियान से जुड़कर समाज में जागरूकता फैलाएं। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना ही मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। विश्व पर्यावरण दिवस पर सभी लोग “एक पेड़ मां के नाम” अवश्य लगाएं और हरित, स्वच्छ तथा स्वस्थ भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
