
हरि न्यूज
हरिद्वार। बाबा वीरभद्र सेवा आश्रम न्यास कांगड़ के परमाध्यक्ष एवं जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी गर्व गिरि महाराज ने कहा कि कुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं,बल्कि सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को सुदृढ़ करने का एक महान पर्व है। उन्होंने कहा कि कुंभ के माध्यम से देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालु भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ते हैं और सनातन संस्कृति का संदेश विश्वभर में फैलता है।
स्वामी गर्व गिरि महाराज ने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज एवं महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के कुशल नेतृत्व में आगामी कुंभ दिव्य और भव्य स्वरूप में आयोजित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार कुंभ में व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि कुंभ मेले की परंपरा हजारों वर्षों पुरानी है,जो हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है।यह पर्व केवल स्नान और पूजा तक सीमित नहीं है,बल्कि संत-महात्माओं के सत्संग,धर्म चर्चा और आध्यात्मिक जागरण का भी एक महत्वपूर्ण अवसर होता है। कुंभ में विभिन्न अखाड़ों के संत समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं और लोगों को धर्म, आस्था एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करते हैं।
स्वामी गर्व गिरि महाराज ने आगे कहा कि आज के आधुनिक युग में जहां युवा पीढ़ी पश्चिमी संस्कृति की ओर आकर्षित हो रही है, वहां कुंभ जैसे आयोजन उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। कुंभ के माध्यम से युवाओं में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ती है।
उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि कुंभ के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी की जाएं। साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात और आवास की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि श्रद्धालु निर्बाध रूप से इस पावन पर्व में भाग ले सकें।
अंत में उन्होंने कहा कि कुंभ केवल आस्था का पर्व नहीं,बल्कि एकता,समरसता और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है, जो पूरे समाज को जोड़ने का कार्य करता है।
