
गंगा केवल एक नदी नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना की जीवंत प्रतीक हैं
हरि न्यूज
हरिद्वार। गंगा सप्तमी के पावन पर्व पर धर्मनगरी हरिद्वार में मां गंगा की महिमा का गुणगान करते हुए प्राचीन हनुमान घाट हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी महंत रवि पुरी महाराज ने कहा कि पतित पावनी मोक्षदायिनी मां गंगा की पूजा-अर्चना करने से जीवन के सभी संताप समाप्त हो जाते हैं और मनुष्य का कल्याण होता है। उन्होंने कहा कि मां गंगा के केवल दर्शन मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति संभव है और जीवन धन्य हो जाता है।

महंत रवि पुरी महाराज ने कहा कि गंगा सप्तमी का पर्व सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह पर्व मां गंगा के धरती पर अवतरण की स्मृति में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि कलयुग में मां गंगा ही ऐसी दिव्य शक्ति हैं, जो जीवों को पापों से मुक्त कर वैतरणी पार कर मोक्ष के द्वार तक पहुंचाती हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि गंगा सप्तमी के अवसर पर मां गंगा का पूजन, स्नान, दीपदान और गंगा आरती में सहभागी बनकर पुण्य लाभ अर्जित करें। उन्होंने कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना की जीवंत प्रतीक हैं।
इस अवसर पर श्रद्धालु भक्तों ने मां गंगा की पूजा-अर्चना कर देश, समाज और विश्व कल्याण की कामना की। गंगा तटों पर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा। महंत रवि पुरी महाराज ने कहा कि मां गंगा की कृपा से मानव जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं और धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है।
