
*कुंभ मेला-2027 की तैयारियों में विकास कार्यों को गति, हरिद्वार के प्रमुख मार्गों और चौराहों के सौंदर्यीकरण पर जोर
*हरकी पैड़ी से जुड़े मार्गों पर बनेंगे पैदल यात्रियों के अनुकूल फुटपाथ, मुख्य बाजार की गलियों के सुधारीकरण को भी मिली स्वीकृति
हरि न्यूज
हरिद्वार।कुंभ मेलाधिकारी सोनिका के नेतृत्व में कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर हरिद्वार में तीर्थ यात्रियों एवं स्थायी नागरिक सुविधाओं के विकास और प्रमुख क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण की योजनाओं पर काम किया जा रहा है। मेला क्षेत्र के साथ ही तीर्थनगरी के प्रमुख मार्गों, चौराहों और आंतरिक गलियों को सुविधायुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य कुंभ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इसी क्रम में शहर के चार प्रमुख चौराहों—रानीपुर चौराहा, शिवमूर्ति चौक, शंकर आश्रम चौक तथा कनखल स्थित झंडा चौक—के सुधार एवं सौंदर्यीकरण की योजना प्रस्तावित की गई है। योजना में चौराहों की आवश्यकता के अनुसार मरम्मत एवं पुनर्निर्माण, फुटपाथ निर्माण, सड़क की बिटुमिनस सतह का सुधार, रेलिंग और चयनित स्थानों पर रोड मार्किंग का कार्य शामिल है। रानीपुर एवं शंकर आश्रम चौक पर विद्युतीकरण तथा रानीपुर चौराहे पर रंग-रोगन का भी प्रावधान किया गया है।
शिवमूर्ति चौक के पुनर्निर्माण के साथ शिवमूर्ति को पुनः स्थापित करने का प्रस्ताव है। वहीं शिवमूर्ति और झंडा चौक पर पुराने कुओं के ऊपर बैठने के लिए स्थान विकसित किए जाने की योजना है। इससे यात्रियों, बुजुर्गों और पैदल राहगीरों को विश्राम की सुविधा मिल सकेगी। चौराहों के सुधार से यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ पैदल यात्रियों की सुरक्षा में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
हरकी पैड़ी से मंदिरों तक पैदल मार्ग होंगे सुविधायुक्त
कुंभ मेला-2027 के तहत हरकी पैड़ी को विभिन्न मंदिरों से जोड़ने वाले मार्गों पर पैदल यात्रियों के अनुकूल फुटपाथ विकसित करने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। लगभग 8 करोड़ रुपये का विस्तृत आगणन प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
हरकी पैड़ी पर स्नान के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु आसपास के मंदिरों में दर्शन के लिए पैदल जाते हैं। मेला अवधि में इन मार्गों पर पैदल यात्रियों और वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। प्रस्तावित योजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित पैदल मार्ग उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत ज्वालापुर रेलवे क्षेत्र से भगत सिंह चौक, अंबेडकर चौक और बिल्वकेश्वर मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों, मनसा देवी पैदल मार्ग के प्रारंभिक बिंदु से वाल्मीकि चौक तक तथा चंडी मंदिर की ओर जाने वाले संबंधित मार्गों पर पैदल सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
प्रस्ताव में इंटरलॉकिंग कंक्रीट ब्लॉक से फुटपाथ, कर्ब स्टोन, नालियों पर आरसीसी कवर और आवश्यक स्थानों पर बोलार्ड लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा संकेतक बोर्ड, रोड मार्किंग, रोड स्टड और रम्बल स्ट्रिप जैसे सड़क सुरक्षा उपाय भी प्रस्तावित हैं। आवश्यकतानुसार सड़क सुधार और जल निकासी के कार्य भी किए जाएंगे।
इन सुविधाओं से श्रद्धालुओं को हरकी पैड़ी से मंदिरों तक पैदल पहुंचने में सुविधा मिलेगी। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए आवागमन अधिक सुगम होगा तथा पैदल यात्रियों और वाहनों के बीच टकराव की संभावना को कम करने में सहायता मिलेगी। कुंभ के बाद भी इन स्थायी सुविधाओं का लाभ स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को मिलता रहेगा।

हरकी पैड़ी से ललतारौ सेतु तक गलियों के सुधारीकरण को ₹899.58 लाख की स्वीकृति
कुंभ मेला-2027 के तहत हरकी पैड़ी से ललतारौ सेतु तक मुख्य बाजार की आंतरिक गलियों के सुधारीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए उत्तराखंड शासन ने ₹899.58 लाख की स्वीकृति प्रदान की है। इस कार्य का उद्देश्य स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, श्रद्धालुओं और साधु-संतों को सुरक्षित, सुविधाजनक और स्वच्छ आवागमन उपलब्ध कराना है।
वर्तमान में कई स्थानों पर गलियों की कंक्रीट सतह क्षतिग्रस्त है। प्रस्तावित कार्य में पुरानी क्षतिग्रस्त सतह को हटाकर नई आधार कंक्रीट तथा रफ ग्रेनाइट स्टोन से गलियों की सतह तैयार की जाएगी। इसके साथ ही दीवारों पर वॉल पेंटिंग के माध्यम से क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा।
निर्माण कार्य के दौरान प्रभावित या क्षतिग्रस्त जलापूर्ति एवं सीवर लाइनों की मरम्मत संबंधित विभागों के आगणन के अनुसार कराए जाने का प्रावधान है। इससे बाजार क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर किया जा सकेगा।
इन योजनाओं से हरिद्वार के प्रमुख चौराहों, पैदल मार्गों और बाजार क्षेत्र की आंतरिक गलियों में सुधार होने के साथ शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। कुंभ मेला-2027 के लिए प्रस्तावित और स्वीकृत ये कार्य मेला अवधि की व्यवस्थाओं के साथ-साथ भविष्य में हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के लिए स्थायी सुविधाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।



