
*राज्य आंदोलनकारी दीपक कुमार उप्रेती ने सरकार से ग्रामीणों की मांग पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की, बोले—पुल बनने से आवागमन के साथ क्षेत्र के विकास को मिलेगी गति
हरि न्यूज संवाददाता
हरिद्वार/लालढांग। लालढांग क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों में लगातार नाराजगी बनी हुई है। राज्य आंदोलनकारी एवं समाजसेवी तथा लालढांग क्षेत्र के मूल निवासी दीपक कुमार उप्रेती ने प्रदेश सरकार से ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से लेते हुए पुल निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है।
दीपक कुमार उप्रेती ने कहा कि पिछले करीब 25 वर्षों के दौरान प्रदेश में विभिन्न सरकारें सत्ता में आईं, लेकिन लालढांग क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के समाधान और अपेक्षित विकास की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए आज भी ग्रामीणों को आवागमन सहित कई बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों द्वारा लंबे समय से पुल निर्माण की मांग उठाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में नदी और बरसाती मार्गों का जलस्तर बढ़ने के कारण आवागमन बेहद जोखिम भरा हो जाता है। ऐसे समय में ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों और विशेष रूप से स्कूली बच्चों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बरसात में बढ़ जाती है परेशानी
उप्रेती ने कहा कि पुल के अभाव में बरसात के दौरान क्षेत्र के लोगों को कई बार जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी उन विद्यार्थियों को होती है, जिन्हें प्रतिदिन स्कूल आने-जाने के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है। जलस्तर बढ़ने अथवा रास्ते के असुरक्षित होने की स्थिति में अभिभावकों की चिंता भी बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए सुरक्षित और सुगम सड़क एवं पुल जैसी आधारभूत सुविधाएं बेहद जरूरी हैं। लालढांग क्षेत्र में पुल का निर्माण होने से न केवल ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी, बल्कि आसपास के गांवों के लोगों को भी इसका लाभ प्राप्त होगा।
विकास की रफ्तार को भी मिलेगी गति
राज्य आंदोलनकारी दीपक कुमार उप्रेती ने कहा कि पुल निर्माण से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। बेहतर आवागमन की सुविधा मिलने से ग्रामीणों को रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए आने-जाने में समय और परेशानी दोनों से राहत मिलेगी।
उन्होंने प्रदेश सरकार, संबंधित विभाग और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मांग की कि ग्रामीणों की लंबे समय से लंबित मांग का स्थलीय निरीक्षण कराकर तकनीकी एवं प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही पुल निर्माण की व्यवहार्यता का परीक्षण कर जल्द से जल्द प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाए।
उप्रेती ने कहा कि लालढांग क्षेत्र के लोगों को आश्वासन के बजाय धरातल पर कार्य शुरू होने का इंतजार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार ग्रामीणों की समस्या को प्राथमिकता देते हुए पुल निर्माण की दिशा में सकारात्मक पहल करेगी, जिससे क्षेत्रवासियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलने के साथ लालढांग क्षेत्र के समग्र विकास को भी गति मिल सके।
