
सुनसान रास्ते पर सवारी को नुकीली वस्तु दिखाकर लूटा था ₹10 हजार, पुलिस ने लूट का सामान व ई-रिक्शा किया बरामद
हरि न्यूज
हरिद्वार। कोतवाली रानीपुर पुलिस ने लूट की वारदात का खुलासा करते हुए ई-रिक्शा चालक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि तीनों ने रात के अंधेरे में ई-रिक्शा में सवार एक युवक को सुनसान रास्ते पर ले जाकर नुकीली वस्तु से डराया-धमकाया और उससे नकदी, कपड़े, दस्तावेज, जूते एवं अन्य सामान लूट लिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹10,000 की नकदी, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जूते तथा वारदात में प्रयुक्त ई-रिक्शा बरामद किया है।

मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी अभय कुमार ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 12 सितंबर की रात सिडकुल स्थित राजा बिस्कुट चौक से हरिद्वार जाने के लिए पवन कुमार नामक युवक ई-रिक्शा में सवार हुआ था। वह वर्तमान में महादेवपुरम, सिडकुल में रह रहा था। आरोप है कि सेक्टर-4 चौक से आगे केवी स्कूल की ओर जाने वाले सुनसान रास्ते पर ई-रिक्शा चालक और उसमें पहले से बैठे दो अन्य युवकों ने उसे घेर लिया। नुकीली वस्तु पेट पर लगाकर डराने-धमकाने के बाद आरोपियों ने उससे करीब ₹10,000 की नकदी, बैग, कपड़े, जूते तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज लूट लिए और मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलने पर पीड़ित की शिकायत के आधार पर कोतवाली रानीपुर में मु0अ0सं0 318/26, धारा 309(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर आरोपियों की तलाश और घटना के शीघ्र खुलासे के लिए कोतवाली रानीपुर पुलिस तथा सीआईयू हरिद्वार की संयुक्त टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, संदिग्धों के संबंध में जानकारी जुटाई तथा पुराने अपराधियों से पूछताछ सहित विभिन्न माध्यमों से सुराग एकत्र किए। पुलिस को 13 सितंबर की रात गश्त एवं चेकिंग के दौरान लीडो क्लब की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर एक सुनसान स्थान में खड़े ई-रिक्शा में तीन संदिग्ध युवक बैठे मिले। पुलिस ने तीनों से पूछताछ करते हुए उनकी तलाशी ली।
तलाशी के दौरान पुलिस को उनके कब्जे से ₹10,000 नकद, पीड़ित के आधार कार्ड एवं पैन कार्ड, चमड़े के जूते, एक लोहे का फर्सा तथा एक लोहे का एंगल बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे रात के समय अकेली सवारी को ई-रिक्शा में बैठाकर सुनसान स्थान पर ले जाते थे और वहां डराकर उससे लूटपाट करते थे। आरोपियों ने राजा बिस्कुट चौक के पास से ई-रिक्शा में बैठाए गए युवक से शिव मंदिर के पास बैग, नकदी, आधार कार्ड, अन्य दस्तावेज, जूते और जीन्स लूटने की बात बताई।
पुलिस के मुताबिक लूटे गए कपड़ों में शामिल जीन्स के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी आयुष उर्फ अनिकेत ने बताया कि वह वही जीन्स पहने हुए है, जो उसने युवक से लूटी थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटी गई नकदी एवं सामान बरामद कर लिया। साथ ही वारदात में इस्तेमाल ई-रिक्शा और लोहे के औजारों को भी कब्जे में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने लालच, नशे की जरूरतों और अपने शौक एवं खर्चे पूरे करने के लिए लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड तथा उनके द्वारा पूर्व में की गई अन्य वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
1. श्रवण कुमार पुत्र मूलचंद, निवासी ग्राम कनपारा, तहसील पुवायां, थाना पुवायां, जिला शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी पप्पू चौहान का किरायेदार, सम्राट हॉल, सिडकुल बाईपास, थाना सिडकुल, हरिद्वार, उम्र 19 वर्ष।
2. विजय पुत्र रामजी, निवासी मोहल्ला हाथियाना, बिलसंडा, बिशनपुर, थाना बिलसंडा, बरेली, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी मोहित पाल का किरायेदार, रावली महदूद, थाना सिडकुल, हरिद्वार, उम्र 20 वर्ष।
3. आयुष उर्फ अनिकेत पुत्र राजेश, निवासी ग्राम नयागांव, थाना शेरकोट, धामपुर, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी मोनू पाल का मकान, रावली महदूद, थाना सिडकुल, हरिद्वार, उम्र 20 वर्ष।
बरामद सामान
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹10,000 की नकदी, पीड़ित के आधार कार्ड एवं पैन कार्ड, एक लोहे का फर्सा, एक लोहे का एंगल, चमड़े के जूते तथा वारदात में प्रयुक्त ई-रिक्शा बरामद किया है।
आरोपी विजय का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार आरोपी विजय के खिलाफ पूर्व में मु0अ0सं0 644/24, धारा 4/25 शस्त्र अधिनियम, थाना रानीपुर, हरिद्वार में मुकदमा दर्ज है।
पुलिस टीम में
लूटकांड के खुलासे में प्रभारी निरीक्षक मनोहर भंडारी, उपनिरीक्षक सुधांशु कौशिक, अपर उपनिरीक्षक सुबोध घिल्डियाल, हेड कांस्टेबल जगदेव, कांस्टेबल विवेक गुसाईं, कांस्टेबल पी.एस. दानू एवं कांस्टेबल सर्वजीत सिंह शामिल रहे।
वहीं सीआईयू टीम में प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट एवं कांस्टेबल वसीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
