
*पिछले पच्चीस वर्षों में पहली बार बोले मंत्री, कांग्रेस नेता के डमरू अभियान पर मंच से दी प्रतिक्रिया
हरि न्यूज
हरिद्वार। शहर की जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस नेता द्वारा डमरू बजाकर चलाया जा रहा जागरूकता अभियान अब राजनीतिक चर्चा का विषय बनता नजर आ रहा है। लगातार डमरू बजाकर शहर की समस्याओं को उठाने के बाद इसकी गूंज भाजपा के मंच तक पहुंच गई। यही वजह रही कि भाजपा के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान शहर विधायक एवं कैबिनेट मंत्री को कांग्रेस नेता के डमरू अभियान पर प्रतिक्रिया देनी पड़ी।
कार्यक्रम में मंत्री ने कांग्रेस नेता द्वारा डमरू बजाकर जनसमस्याओं को उठाए जाने के मुद्दे पर अपनी बात रखी। मंत्री की इस प्रतिक्रिया के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस नेता का कहना है कि डमरू बजाने का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि शहर की मूलभूत समस्याओं की ओर शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करना है।
शहर में सड़कों, जलभराव, सफाई, यातायात, अतिक्रमण सहित विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर समय-समय पर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा आवाज उठाई जाती रही है। इसी क्रम में कांग्रेस नेता ने अनूठे अंदाज में डमरू बजाकर लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू किया। देखते ही देखते यह अभियान चर्चा का विषय बन गया और इसकी आवाज राजनीतिक मंच तक भी पहुंच गई।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पिछले करीब पच्चीस वर्षों के राजनीतिक सफर में मंत्री द्वारा मंच से किसी विपक्षी नेता या उसके अभियान को लेकर इस तरह प्रतिक्रिया देना अपने आप में चर्चा का विषय है। उनका मानना है कि सामान्यतः मंत्री सार्वजनिक मंचों से अपने विकास कार्यों और सरकार की उपलब्धियों को लेकर ही बात करते रहे हैं, लेकिन इस बार कांग्रेस नेता के डमरू अभियान ने उन्हें प्रतिक्रिया देने के लिए विवश कर दिया।
इधर कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ संजय पालीवाल का कहना है कि यदि जनसमस्याओं को उठाने के लिए बजाया गया डमरू सत्ता पक्ष के मंच तक सुनाई देने लगा है तो यह अभियान की सफलता है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में विपक्ष और जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे जनता की समस्याओं को मजबूती से उठाएं और सरकार से उनके समाधान की मांग करें।
वहीं भाजपा समर्थकों का कहना है कि सरकार शहर के विकास और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर है तथा विपक्ष द्वारा राजनीतिक लाभ लेने के लिए मुद्दों को अलग तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है।
मंत्री की प्रतिक्रिया और कांग्रेस नेता के डमरू अभियान को लेकर अब शहर की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि डमरू की यह आवाज केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित रहती है या फिर शहर की जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी इसका असर दिखाई देता है।
