
हरि न्यूज
भदोही/बिजनौर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जिले का नाम पुनः संत रविदास नगर किए जाने के मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता रितेश सैन ने आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी के नाम पर जिले का नाम रखे जाने का विरोध समझ से परे है।
रितेश सैन ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा संत रविदास नगर का नाम बदलकर भदोही कर दिया गया था। अब प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा जिले का नाम पुनः संत रविदास नगर किए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय पर आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की आपत्ति का कोई औचित्य समझ में नहीं आता।
भाजपा नेता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सर्व समाज और सभी धर्मों का सम्मान करने वाली पार्टी है। संत शिरोमणि रविदास जी करोड़ों लोगों की आस्था और श्रद्धा के केंद्र हैं। उन्होंने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समाज में समानता, भाईचारे, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। ऐसे महान संत के नाम पर जिले का नाम रखे जाने पर प्रत्येक नागरिक को गौरवान्वित महसूस करना चाहिए।
रितेश सैन ने कहा कि यदि आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को सरकार के इस निर्णय पर आपत्ति है, तो उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि संत रविदास जी के नाम पर जिले का नाम रखे जाने से उन्हें आखिर किस बात की आपत्ति है। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके विचार और शिक्षाएं पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी के सम्मान से जुड़े विषयों को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक भावनाओं के साथ देखा जाना चाहिए। ऐसे महान संत के नाम पर जिले का नाम रखे जाने के निर्णय का सभी को सम्मान करना चाहिए और इसे राजनीतिक विवाद का विषय बनाने के बजाय सामाजिक एकता और समरसता को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम मानना चाहिए।
