
श्रावण मास में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है:महंत सतीश वन
हरि न्यूज
हरिद्वार। तीर्थ नगरी हरिद्वार के प्रख्यात धार्मिक स्थलों में शामिल प्राचीन बिल्केश्वर महादेव मंदिर में श्रावण मास के प्रथम दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। गुरुवार को सुबह से ही मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर परिवार एवं समाज के सुख-समृद्धि, शांति और लोक कल्याण की कामना की।
श्रावण मास के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में दिनभर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान महादेव का रुद्राभिषेक कर अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
मंदिर के मुख्य महंत सतीश वन के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते रहे। इस दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना एवं रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से समस्त मानव समाज के कल्याण और देश में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर महंत सतीश वन ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों पर सदैव कृपा बरसाने वाले, दयालु और कृपालु हैं। वे अपने भक्तों के सभी कष्टों को हरने वाले तथा सच्चे मन से की गई प्रार्थना को स्वीकार करने वाले देव हैं। श्रावण मास में भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से मन को शांति मिलती है और श्रद्धालुओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना केवल व्यक्तिगत कल्याण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण समाज और विश्व के कल्याण की भावना को भी मजबूत करती है। श्रावण मास में श्रद्धालुओं को भगवान शिव की भक्ति के साथ-साथ जरूरतमंदों की सेवा, गौ सेवा और धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में भी योगदान देना चाहिए।
मंदिर में सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और श्रद्धा एवं भक्ति के साथ श्रावण मास का शुभारंभ किया।
