
क्षेत्रवासियों ने पहले ही बिजली विभाग को किया था आगाह,शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
हरि न्यूज
हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र स्थित कृष्ण प्रणामी आश्रम के बाहर बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते एक संत की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक के साथ-साथ बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां बिजली के खुले तार अथवा विद्युत करंट से जुड़ी समस्या को लेकर पहले भी विभाग को अवगत कराया गया था, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ दिन पूर्व भी इसी स्थान पर एक कुत्ते की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को मौके की स्थिति से अवगत कराते हुए विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा संभावित खतरे को दूर करने की मांग की थी। लोगों का कहना है कि यदि उस समय विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की होती तो संभवत: आज एक संत को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती।
हादसे के बाद क्षेत्रवासियों में बिजली विभाग के प्रति गहरा रोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक क्षेत्र होने के कारण भूपतवाला में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, श्रद्धालु और आम नागरिक आते-जाते रहते हैं। ऐसे में विद्युत व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर हादसे को जन्म दे सकती है। इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा कथित तौर पर समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया।
क्षेत्रवासियों ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और विद्युत विभाग की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने मांग की कि क्षेत्र में बिजली के तारों और अन्य विद्युत उपकरणों का तत्काल निरीक्षण कर सभी संभावित खतरनाक स्थानों को चिन्हित किया जाए और उन्हें सुरक्षित बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक घटना की पुनरावृत्ति न हो।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि विद्युत विभाग ने जल्द ही क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त कर आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए तो क्षेत्रवासी विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। घटना के बाद से संत समाज और स्थानीय नागरिकों में भी शोक की लहर है।
