
*वेद निकेतन धाम में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई गुरु पूर्णिमा, शिष्यों ने गुरु पूजन कर लिया आशीर्वाद
हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार स्थित प्रख्यात धार्मिक संस्था वेद निकेतन धाम में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर धामपुर स्थित प्रसिद्ध श्रीराम मंदिर आश्रम के पीठाधीश्वर एवं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शिव कथा मर्मज्ञ महंत श्री राधेश्याम महाराज के पावन सानिध्य में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे शिष्यों और श्रद्धालु भक्तों ने विधि-विधानपूर्वक गुरु पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान वेद निकेतन धाम का वातावरण गुरु भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महंत श्री राधेश्याम महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। गुरु ही शिष्य के जीवन से अज्ञानता का अंधकार दूर कर उसे ज्ञान, सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। गुरु पूर्णिमा केवल गुरु पूजन का पर्व नहीं, बल्कि गुरु और शिष्य के बीच आस्था, श्रद्धा, विश्वास, सम्मान और समर्पण के पवित्र संबंध को और अधिक मजबूत करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा और समर्पण ही शिष्य के जीवन को सार्थक दिशा प्रदान करता है। गुरु द्वारा प्रदान किया गया गुरु मंत्र शिष्य के आध्यात्मिक जीवन में विशेष महत्व रखता है। श्रद्धा, विश्वास और निष्ठा के साथ गुरु मंत्र का जाप एवं साधना करने से साधक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। गुरु का मार्गदर्शन व्यक्ति को जीवन की कठिन परिस्थितियों का धैर्य और साहस के साथ सामना करने की शक्ति प्रदान करता है तथा उसे आत्मिक शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर करता है।
महंत श्री राधेश्याम महाराज के कृपापात्र आचार्य शशिकांत वशिष्ठ महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और समर्पण प्रकट करने का पावन पर्व है। जो शिष्य अपने गुरुदेव के प्रति पूर्ण विश्वास रखते हुए उनके बताए सतमार्ग पर चलते हैं, वे अपने जीवन को सही दिशा प्रदान करने में सफल होते हैं। गुरु का सानिध्य और उनका मार्गदर्शन व्यक्ति को आत्ममंथन करने, अपने जीवन की कमियों को दूर करने और स्वयं को बेहतर बनाने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला गुरु पूर्णिमा पर्व भारतीय सनातन परंपरा में विशेष महत्व रखता है। इस पावन अवसर पर शिष्य अपने गुरु का पूजन कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और गुरु द्वारा बताए गए आदर्शों एवं शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लेते हैं। गुरु ही वह शक्ति हैं, जो मनुष्य को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान रविकांत पाण्डेय, मनीष कुमार, वेद प्रकाश, शिवचरण, अनिल गोयल, बलवीर सिंह, ममता चौहान, संपत लाल सोनी, मोनू बघेल, सुमित, नरेश एवं गौरव वशिष्ठ सहित राजस्थान, झारखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं एवं शिष्यों ने महंत श्री राधेश्याम महाराज का विधिवत पूजन-अर्चन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वेद निकेतन धाम में दिनभर भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण बना रहा। श्रद्धालु गुरु भक्ति में लीन नजर आए और सभी ने अपने गुरुदेव के चरणों में श्रद्धा अर्पित कर सुख, शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त किया।
