
*गुरु शिष्य को अज्ञान रूपी अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं: महामंडलेश्वर स्वामी उमा भारती
*गुरु के प्रति श्रद्धा और विश्वास रखने वाला शिष्य सदैव जीवन में सफलता और आत्मिक शांति की ओर अग्रसर होता है:महंत शिवानन्द भारती
*गुरु पूर्णिमा केवल गुरु पूजन का पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति श्रद्धा,समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है: महंत आशीष भारती

हरि न्यूज
हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार स्थित प्रख्यात धार्मिक संस्था उमेश्वर धाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी उमा भारती एवं महंत आशीष भारती महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया और गुरु पूजन कर अपने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी उमा भारती ने कहा कि सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु ही शिष्य को अज्ञान रूपी अंधकार से निकालकर ज्ञान और सत्य के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। गुरु का मार्गदर्शन व्यक्ति के जीवन को सही दिशा प्रदान करता है और उसे संस्कार, सदाचार एवं आध्यात्मिक चेतना से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बना सकता है।

महंत आशीष भारती महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल गुरु पूजन का पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। गुरु अपने ज्ञान और अनुभव से शिष्य के जीवन का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में गुरु के उपदेशों और आदर्शों को आत्मसात करते हुए सत्य, सेवा और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए। गुरु की कृपा से मनुष्य जीवन की कठिन परिस्थितियों का धैर्य और विवेक के साथ सामना करने में सक्षम बनता है।

महंत शिवानन्द भारती महाराज ने कहा कि गुरु शिष्य के जीवन में प्रकाश पुंज के समान होते हैं। गुरु का सानिध्य और आशीर्वाद व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ जीवन में सही निर्णय लेने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा का प्रतीक है, जिसमें गुरु को ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों का मार्गदर्शक माना गया है। गुरु के प्रति श्रद्धा और विश्वास रखने वाला शिष्य सदैव जीवन में सफलता और आत्मिक शांति की ओर अग्रसर होता है।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ गुरु पूजन किया और संत-महात्माओं से आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे उमेश्वर धाम परिसर में भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए धर्म, सेवा और सनातन संस्कृति के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालु भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।

इस अवसर पर आचार्य खिलानंद शास्त्री जी नीरज पांडे भोजराज जोशी,रोहित जोशी ने वैदिक मंत्रोच्चारण कर पूजा अर्चना कराई।
