
*श्रीरामायण के सुंदरकांड पाठ से गूंजा निराला धाम,
*गुरु कृपा से ही जीवन का कल्याण संभव : राजमाता आशा भारती
हरि न्यूज
हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार की प्रख्यात धार्मिक संस्था निराला धाम में परमाध्यक्षा साध्वी राजमाता आशा भारती के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं श्रद्धांजलि महोत्सव का शुभारंभ विधिवत धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हो गया। महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर श्रीरामायण जी के सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ सहभागिता कर भगवान श्रीराम का स्मरण किया और संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर निराला धाम का वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। सुंदरकांड पाठ के दौरान श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ श्रीरामायण का पाठ श्रवण किया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए गुरु परंपरा के प्रति आस्था व्यक्त की।

साध्वी राजमाता आशा भारती ने कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय सनातन परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। गुरु ही शिष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान, भक्ति और सद्मार्ग की ओर ले जाते हैं। गुरु के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से मनुष्य के जीवन को सही दिशा मिलती है और उसके जीवन का कल्याण संभव होता है। उन्होंने कहा कि गुरु की कृपा से जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति मिलती है और व्यक्ति सत्य, धर्म एवं सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ता है।
उन्होंने बताया कि निराला धाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं श्रद्धांजलि महोत्सव को श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संत-महात्मा शामिल होकर गुरु चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करेंगे।
राजमाता आशा भारती एवं महंत नित्यानंद महाराज ने श्रद्धालुओं से गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरु के बताए मार्ग पर चलने, धर्म एवं अध्यात्म से जुड़ने तथा समाज और मानवता की सेवा करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होती, बल्कि गुरु के आदर्शों और शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करना ही गुरु भक्ति का वास्तविक स्वरूप है।
कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने सभी के सुख, शांति, समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की। इस अवसर पर निराला धाम से जुड़े संत, साधु-संत एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
