
होटल संचालक के खिलाफ बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
हरि न्यूज
हरिद्वार। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह आईपीएस के आदेशानुसार तथा पुलिस उपाधीक्षक रुड़की एवं नोडल अधिकारी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ओशिन जोशी के निकट पर्यवेक्षण और शाखा प्रभारी वीरेंद्र रमोला के कुशल नेतृत्व में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने बाल एवं किशोर श्रम विभाग तथा चाइल्ड लाइन की टीम के साथ संयुक्त रूप से बाल श्रम के खिलाफ अभियान चलाया।
अभियान के दौरान टीम ने कोतवाली रुड़की क्षेत्र के ढंडेरा स्थित लक्सर रोड पर होटल-ढाबों, मोटर वर्कशॉप सहित अन्य प्रतिष्ठानों में चेकिंग की। चेकिंग के दौरान टीम जब करीम होटल पहुंची तो वहां एक 14 वर्षीय बालक को भट्टी पर रोटी बनाते हुए बाल श्रम करते पाया गया। नाबालिग बालक की पहचान गोपनीय रखते हुए उसे तत्काल रेस्क्यू कर चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया गया। इसके बाद बालक को बाल कल्याण समिति हरिद्वार के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
बाल कल्याण समिति द्वारा बालक की काउंसलिंग एवं आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे उसके पिता हामिद, निवासी लंढौरा, जनपद हरिद्वार की सुपुर्दगी में दे दिया गया। टीम की कार्रवाई से बालक को बाल श्रम से मुक्त कर उसके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
वहीं, श्रम परिवर्तन अधिकारी विपिन कुमार एवं उनकी टीम द्वारा होटल संचालक वसीम पुत्र इस्लाम, निवासी लंढौरा, जनपद हरिद्वार के खिलाफ नाबालिग से बाल श्रम कराए जाने के संबंध में कोतवाली रुड़की में एफआईआर संख्या 321/2026 दर्ज कराई गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 में संशोधन 2016 की धारा 3A एवं धारा 14 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
अभियान में AHTU से कांस्टेबल मुकेश कुमार एवं कोतवाली रुड़की से कांस्टेबल संदीप शामिल रहे। श्रम विभाग की ओर से श्रम परिवर्तन अधिकारी विपिन कुमार तथा चाइल्ड लाइन से निर्मल, लोकेश, आदित्य और मोहम्मद रहमान ने अभियान में सहयोग किया। अधिकारियों ने कहा कि बाल श्रम के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
