
हरि न्यूज
हरिद्वार। भेल स्थित श्री वर्धमान दिगंबर जैन मंदिर में जैन जागृति महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित श्रवण संस्कृति संस्कार सेवा शिविर में बच्चों और बड़ों को धर्म, संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी जा रही है। 30 मई से प्रारंभ हुआ यह शिविर 7 जून तक संचालित होगा। शिविर में जैन समाज के सैकड़ों लोग सहभागिता कर जैन संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों का ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं।
शिविर के अंतर्गत प्रातःकालीन सत्र में बच्चों को पूजा-पाठ, जैन धर्म के मूल सिद्धांतों, नैतिक संस्कारों एवं अनुशासित जीवनशैली की जानकारी दी जा रही है। साथ ही उन्हें मोबाइल की बढ़ती लत से दूर रहकर योग, अध्ययन और सकारात्मक दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वहीं सायंकालीन सत्र में समाज के बड़ों को भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक संस्कारों की शिक्षा प्रदान की जा रही है।
सांगानेर से आए विद्वान दे रहे मार्गदर्शन
शिविर में सांगानेर से पधारे अभिषेक शास्त्री एवं गौरव शास्त्री प्रतिभागियों को जैन धर्म की परंपराओं, धार्मिक आचरण और संस्कारों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में बच्चों और युवाओं में धार्मिक चेतना तथा नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित की जा रही है। आयोजकों के अनुसार शिविर का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और धार्मिक विरासत से जोड़ना है।
*6 जून को होगी परीक्षा और 7 जून को प्रतिभाओं का होगा सम्मान*
जैन जागृति महिला मंडल की अध्यक्ष अर्चना जैन ने बताया कि वर्तमान समय में बच्चों को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिविर के माध्यम से बच्चों और युवाओं को जैन धर्म के आदर्शों, नैतिक मूल्यों तथा संस्कारित जीवन के महत्व से परिचित कराया जा रहा है। शिविर के समापन अवसर पर 7 जून को परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज और नई पीढ़ी के लिए उपयोगी बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से सहभागिता की अपील की।
इस अवसर पर संरक्षक ओपी जैन,पीके जैन,सचिव अमित जैन,सचिन जैन,संदीप जैन,बलकेश जैन,रवि जैन,पीयूष जैन,संदीप जैन, रुचिन जैन,विनय जैन,शहर के आठों जैन मंदिरों के प्रमुख पदाधिकारी और बच्चों में सुपार्श जैन सक्षम जैन,सम्यक जैन,हर्ष जैन,शामिल रहे।
शिविर में अंजली जैन,कविता जैन,हेमा जैन,इशिका जैन,कल्पना जैन, शैली जैन,मोना जैन,कामिनी जैन,नमिता जैन,कोमल जैन,नेहा जैन, रीता जैन,आदि का योगदान रहा।
