
डॉ पंकज कौशिक *******हरि न्यूज
हरिद्वार।उत्तराखण्ड राज्य में सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष रूप से अनुसूचित जाति के उत्थान,सशक्तिकरण और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य सरकार द्वारा कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इसी कड़ी में अनुसूचित जाति आयोग को अधिक सक्रिय,प्रभावशाली और जनोन्मुख बनाने के उद्देश्य से नई और ऊर्जावान हस्तियों को इसमें सम्मिलित किया जा रहा है। यह पहल न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक समरसता और समान अवसरों की स्थापना की दिशा में भी एक मजबूत कदम है।
हाल ही में युवा भाजपा नेता मनोज गौतम को उत्तराखण्ड अनुसूचित जाति आयोग का सदस्य नामित किया गया है। यह नियुक्ति राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा की गई है। इस निर्णय को व्यापक रूप से सराहा जा रहा है,विशेषकर हरिद्वार जनपद के लोगों के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि उनके क्षेत्र के एक समर्पित और कर्मठ युवा नेता को इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मनोज गौतम का सामाजिक और राजनीतिक जीवन सदैव सक्रियता,समर्पण और जनसेवा से प्रेरित रहा है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान न केवल भारतीय जनता पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और सहभागिता को भी बढ़ावा दिया है। उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता,जवाबदेही और जनहित सर्वोपरि रहा है,जो उन्हें इस नई जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त बनाता है।
अनुसूचित जाति आयोग का मूल उद्देश्य समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना,उनके साथ होने वाले अन्याय और भेदभाव के मामलों की जांच करना तथा उनके समग्र विकास के लिए नीतिगत सुझाव देना होता है। ऐसे में मनोज गौतम जैसे युवा और संवेदनशील नेतृत्व का आयोग में शामिल होना निश्चित रूप से इसके कार्यों में नई ऊर्जा और प्रभावशीलता लाएगा। उनसे अपेक्षा की जा रही है कि वे अनुसूचित जाति के लोगों की समस्याओं को नजदीक से समझेंगे और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाएंगे।
मनोज गौतम ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा है कि उनका मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति के लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। वे चाहते हैं कि इस वर्ग के लोग शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक सम्मान के क्षेत्र में समान अवसर प्राप्त करें। उन्होंने यह भी कहा कि वे आयोग के माध्यम से लोगों की समस्याओं को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएंगे और उनके त्वरित समाधान के लिए प्रयासरत रहेंगे।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि यह एक ऐसी पार्टी है जो वास्तव में समाज के सभी वर्गों, विशेषकर अनुसूचित जाति के लोगों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी की विचारधारा “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, भाजपा सरकार ने सामाजिक न्याय के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिनका लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में अनुसूचित जाति के लोगों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य शिक्षा के अवसरों को बढ़ाना, आर्थिक सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करना, रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना तथा सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार द्वारा छात्रवृत्ति योजनाएं, कौशल विकास कार्यक्रम, स्वरोजगार योजनाएं और आवासीय सुविधाओं जैसी कई पहलें चलाई जा रही हैं, जिनसे अनुसूचित जाति के लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है।
इसके अतिरिक्त, सरकार सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने और समानता का वातावरण स्थापित करने के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है। विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों, शिविरों और जनसंवाद के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच विकसित की जा रही है, जिससे सभी वर्गों के बीच समरसता और भाईचारा बढ़ सके।
मनोज गौतम की नियुक्ति से यह उम्मीद की जा रही है कि वे इन सभी प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाएंगे। उनकी युवाशक्ति, अनुभव और सामाजिक प्रतिबद्धता आयोग के कार्यों में नई गति और दिशा प्रदान करेगी। वे न केवल समस्याओं के समाधान पर ध्यान देंगे, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी प्रेरक भूमिका निभाएंगे।
अंततः, यह कहा जा सकता है कि उत्तराखण्ड अनुसूचित जाति आयोग में नई नियुक्तियां राज्य के समग्र विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। मनोज गौतम जैसे ऊर्जावान और समर्पित व्यक्तित्व का आयोग में शामिल होना निश्चित रूप से समाज के वंचित वर्गों के लिए नई आशा और विश्वास का संचार करेगा। यह पहल राज्य को एक अधिक समावेशी, न्यायसंगत और प्रगतिशील समाज की ओर अग्रसर करने में सहायक सिद्ध होगी।
