
हरि न्यूज
हरिद्वार।समाज में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने और सत्ता के गलियारों में उचित प्रतिनिधित्व पाने के लिए अब सैन समाज ने कमर कस ली है। स्थानीय स्तर पर आयोजित समाज की एक भव्य महासभा में वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि “जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी” के सिद्धांत पर अब समाज को संगठित होना होगा।

समाज की नई रणनीति के अंतर्गत
महासभा में समाज के उत्थान और राजनीतिक भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई कार्यक्रम में चंद्रपाल सिंह ने जोर दिया कि सैन समाज की जनसंख्या निर्णायक भूमिका में है, लेकिन बिखराव के कारण राजनीतिक दल इसे नजरअंदाज करते रहे हैं।
गांव से लेकर शहर तक, समाज को एक झंडे के नीचे लाने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य आदरणीय रामचंद्र प्रधान ने कहा कि राजनीति में केवल वोट देने तक सीमित न रहकर, अब युवा पीढ़ी को नेतृत्व की भूमिका के लिए तैयार किया जाएगा।

“इतिहास गवाह है कि जो समाज संगठित नहीं होता, उसकी आवाज दबा दी जाती है। सैन समाज अब जाग चुका है। हम केवल याचक बनकर नहीं रहेंगे, बल्कि सत्ता में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।”
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे भारत रत्न बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीतिक उपेक्षा के पीछे कुछ आंतरिक कारण भी हैं, जिन्हें दूर करना आवश्यक है। जैसे
राजनीतिक चेतना का अभाव जागरूकता शिविरों और सोशल मीडिया के माध्यम से शिक्षित करना।
आर्थिक पिछड़ापन समाज के सफल उद्यमियों द्वारा युवाओं को स्वरोजगार में मदद करना।आपसी मतभेदों को भुलाकर ‘समाज प्रथम’ की नीति अपनाना।
कार्यक्रम के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी चुनावों में समाज केवल उसी दल का समर्थन करेगा जो सैन समाज को उचित टिकट वितरण और संगठन में महत्वपूर्ण पद देगा। समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो वे ‘नोटा’ (NOTA) या निर्दलीय उम्मीदवारों के माध्यम से अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
इस महासभा ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि सैन समाज अब अपनी सामाजिक और राजनीतिक पहचान के प्रति पूरी तरह सजग है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश दिल्ली हरियाणा राजस्थान मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ आदि प्रदेशों से लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया
