हरि न्यूज
लेखक:(अब्दुल सलाम कुरैशी)
जिला -गुना (म.प्र)

*महावीर स्वामी जयंती*
परम प्रेम सत्य,अहिंसा के,
आप बड़े पुजारी थे।
जिओ और जीने दो के,
पावन मंत्र के ध्यानी थे।
समाज में फैली कुरीतियों पर,
किया करारा प्रतिघात।
कहते थे सदा स्वामी जो हमें पसंद नहीं हैं,
दूजों के साथ भी कदापि न करें।
स्वामी जी ने यह सीख दे,
हमको आत्मशद्धि का पैगाम दिया।
जैसा वह कहते थे वैसा ही,
आपने जीवन पर्यन्त जिया और किया,
आप सत्य का आदर्श दर्पण थे,
जैसा कहते थे वैसा ही अक्स ज्यों का त्यों दिखता था।
वह हमेशा कहते रहते थे,
मानव माता-पिता ,गुरु, ज्ञानी की तरह सम्मान पाता है।
