
*युवाओं को संदेश देता उनका साक्षात्कार, पत्रकार दीपक मौर्य से बातचीत के कुछ अंश

हरि न्यूज/दीपक मौर्य
हरिद्वार/नजीबाबाद। अभी हाल ही में UPSC 2025 के चुनाव में नजीबाबाद के आदर्श नगर गली न. A 12 निवासी शगुन कौशल ने UPSC परीक्षा में 145वीं रैंक हासिल की।उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से IAS बनकर जिले, गांव और परिवार और समाज का नाम रोशन किया। लगातार तीन दिन से उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
मूलतः उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में तहसील नजीबाबाद के ग्राम सराय आलम में दलित समाज से आने वाले स्वर्गीय फूल सिंह जो प्राथमिक स्वस्थ केंद्र चंदक में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत थे। उनके चार बच्चे थे। बड़े बटे पुष्पेंद्र कुमार कौशल पढ़ लिखकर बीएसएनल में टेक्नीशियन के पद पर नियुक्त हो गए। उनकी शादी के बाद पत्नी के आग्रह पर नजीबाबाद में मकान बनाया बच्चों को उच्च शिक्षा दिखाई। इनके दूसरे नंबर के छोटे बेटे शगुन कौशल ने कड़ी मेहनत कर IAS बनने का मार्ग प्रशस्त किया।
जब शगुन से उनकी सफलता के बारे में पूछा तो उन्होंने बेहद सकारात्मक और ऊर्जावान जवाब दिए। उनकी बातचीत के कुछ अंश:-
सवाल:- शगुन आप ने प्रारंभिक शिक्षा कहां से प्राप्त की है तथा आपके मन में IAS बनने का ख्याल कब आया
शगुन:- मैने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा सेंट मैरी नजीबाबाद से उत्तीर्ण की है तथा मै दोनों ही परीक्षा में जिले में टॉपर था। इन हौसलों से मैने कुछ बड़ा करने की सोची। इसके बाद IIT दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग कर रहा था तभी मुझे IAS बनने का जुनून सवार हुआ। पढ़ाई करते वक्त ही मैने IAS की तैयारी शुरू कर दी।
सवाल:- कैसे मिली सफलता, क्या क्या चुनौतियां थी इस संघर्ष में
शगुन:- मैने इससे पहले भी 2022 में मेंस निकालकर इंटरव्यू तक पहुंचा था लेकिन पहले प्रयास में असफलता हाथ लगी। थोड़ा सा दुख हुआ लेकिन मेरे बड़े भैया प्रधानाचार्य ITI मुरादाबाद अमर कौशल और बहन निशिका कौशल चिकित्सा अधिकारी अमरोहा ने मेरा हौंसला बढ़ाया और मुझे दोबारा अधिक मेहनत करने को कहा। उनके मोटिवेशन से मैने दोबारा के प्रयास में ये सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि पारिवारिक पृष्ठभूमि में कोई IAS IPS न होने से उन्हें कोई गाइडलाइन नहीं मिली। लेकिन सतत अध्ययन से उन्होंने अपनी मंजिल को प्राप्त किया।
सवाल:- अपनी सफलता का श्रेय किसे देना चाहते हैं।।
शगुन:- मेरी सफलता का श्रेय मेरे माता पिता व गुरुजनों को जाता है। इस सवाल का जवाब बेटे शगुन के साथ पिता पुष्पेंद्र कौशल ने पूरा किया। उन्होंने बताया कि वे तो हमेशा अपनी ड्यूटी पर रहते थे लेकिन स्कूल की पेरेंट्स मीटिंग व अन्य जरूरतें शगुन की माताजी विनीता कौशल ने पूरी की। इसलिए शगुन की सफलता में सबसे बड़ा हाथ इनकी मां का है।
सवाल:- IAS की तैयारियों को लेकर क्या कहोगे।
शगुन:- इसके लिए फाउंडेशन का मजबूत होना बहुत जरूरी है। आपके पास कोई मैटेरियल नहीं है तो आप किसी अच्छे कोचिंग संस्थान से कोचिंग ले सकते हैं। लेकिन मैंने तो हमेशा यूट्यूब से ही मदद ली। वैसे मै मानता हूं कि युवाओं को रोजमर्रा के घटनाक्रमों पर विशेष ध्यान रखना चाहिए और उतार चढ़ावों पर नजर और उनका समाधान पर हमेशा फोकस रखना चाहिए।
सवाल:- IAS बनकर आपका क्या उद्देश्य रहेगा
शगुन:- पहली प्राथमिकता ईमानदारी से देश की सेवा करना है। सबसे पहले राष्ट निर्माण में अहम योगदान देना है। इसके साथ साथ समाज के उत्थान में भी अहम भूमिका निभानी है।
सवाल:- धन्यवाद आईएस शगुन कौशल
शगुन: जी आपका भी धन्यवाद एवं आभार।
उन्हें बधाई देने वालों में भीम आर्मी चीफ नगीना सांसद चंद्रशेखर रावण, पूर्व बसपा सांसद गिरीश चंद्र, पूर्व विधायक भाजपा कुंवर भारतेंद्र, सुरेंद्र सिंह, नरेंद्र कुमार, पत्रकार दीपक मौर्य, पत्रकार प्रवीण पेगवाल , पत्रकार प्रमोद गिरी, चंद्रप्रकाश मौर्य, सेवानिवृत आईएएस डॉ ओमप्रकाश, डीपी सिंह, भूपेंद्र रंजन, नरेंद्र रवि आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
