
26जनवरी का दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि कर्तव्यों,मूल्यों और राष्ट्र के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का स्मरण दिवस है: प्रो.प्रतिभा मेहता

हरि न्यूज
हरिद्वार।भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण करते हुए गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो प्रतिभा मेहता ने कहा कि ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है,जब 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू हुआ और भारत एक संपूर्ण प्रभुत्वसंपन्न, समाजवादी,धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बना।यह दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि कर्तव्यों,मूल्यों और राष्ट्र के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का स्मरण दिवस है। शिक्षक,कर्मचारी औऱ विद्यार्थियों, को हमारा संविधान हमें न्याय,स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का मार्ग दिखाता है। इन्हीं मूल्यों पर भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था टिकी हुई है। आज जब हम तिरंगे के नीचे खड़े होकर गर्व का अनुभव करते हैं, तब यह भी आवश्यक है कि हम संविधान की आत्मा को अपने आचरण में उतारें।
विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला है। यहां से निकला प्रत्येक विद्यार्थी देश के उज्ज्वल भविष्य का निर्माणकर्ता है। इस संस्थान ने देश की आजादी में विशेष योगदान दिया है। देश की आजादी की लड़ाई का आदर्श प्रशिक्षण केंद्र रहा है। अमर हुतात्मा स्वामी श्रध्दानंद ने इस पावन भूमि से देश को स्वतंत्र कराने के लिए विशेष आंदोलनों को जन्म दिया है। देश की आजादी में आर्य समाज का योगदान सबसे बड़ा रहा है, जिसको भुलाया नहीं जा सकता है। वही आर्य वीरों ने हिंदी भाषा प्रान्तों ने देश की आजादी के जन जागरण किया है। आजादी में सभी देशवासियों का योगदान उल्लेखनीय रहा है। हम स्वतंत्रता सेनानियों को शत शत नमन करते है।

प्रो लूथरा ने कहा कि ज्ञान के साथ चरित्र, तकनीक के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा भाव को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। आज का भारत आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया, विकसित भारत की ओर तेजी से अग्रसर है। इस परिवर्तन में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। आप ही देश की ऊर्जा, शक्ति और आशा हैं। शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना ही हमारा उद्देश्य होना चाहिए। मैं इस अवसर पर हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं को नमन करती हूँ, जिनके त्याग और बलिदान के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले पा रहे हैं। साथ ही देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों को भी शत-शत नमन। कन्या गुरुकुल परिसर की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम,एनएसएस के छात्रों ने कविता पाठ औऱ प्रशांत कौशिक ने स्वरचित कविता का पाठ किया।पैकेज समविश्वविद्यालय प्रगति के पथ पर अनवरत बढ़ता जा रहा है।
सम विश्व विद्यालय की कुलपति प्रो प्रतिभा मेहता लूथरा ने उदबोधन में कहा कि आज विश्वविद्यालय में 09 संकाय और 25 विभाग संचालित है। समविश्वविद्यालय में वर्तमान में लगभग 6000 छात्र/छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। समविश्वविद्यालय में वैदिक पद्धति के द्वारा विज्ञान और मानविकी विषयों में अध्ययन और अध्यापन कार्य चल रहा है। विश्वविद्यालय में 1170 सत्र 2024-25 में शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं तथा 20 रिसर्च प्रोजेक्ट विश्वविद्यालय में अलग-अलग विधाओं पर संचालित हैं। अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय में एम0टैक तथा छात्राओं के लिए बी0टैक (कम्प्यूटर विज्ञान) कन्या गुरुकुल परिसर, हरिद्वार में संचालित है। अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय में यू0कोस्ट द्वारा डिजिटल वारियंटर्स कार्यक्रम आयोजित किया गया है। प्रो0 मयंक अग्रवाल को आई0बी0एम0 द्वारा स्कील बूल्ड (BUILD) चैम्पियन एवार्ड से सम्मानित किया गया है तथा संकाय से बी0टैक और डिप्लोमा के छात्रों का 100 प्रतिशत प्लेसमेंट गत सत्रों में रहा है। कन्या गुरुकुल परिसर, हरिद्वार में अलग-अलग विभागों में शोध कार्य उच्च कोटि के किए जा रहे हैं जिससे छात्राओं को नौकरी पाने में सुलभता मिल रही है। समय-समय पर कन्या गुरुकुल परिसर में सेमिनार, कार्यशाला तथा एन0एस0एस0 और एन0सी0सी0 के कार्यक्रम आयोजित होते हैं। समविश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में संस्कृत विभाग में 04 रिसर्च पेपर 02 कार्यशाला और पारितोषित से 03 कार्यक्रम आयोजित हुए है। प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृत एवं पुरातत्व विभाग में शोध और कार्यशाला भी आयोजित की गयी हैं। अंग्रेजी विभाग में 10 रिसर्च पेपर, 02 बुक्स प्रकाशित की गयी है तथा कांफ्रेंस और सेमिनार 04 आयोजित की गयी है। प्रबन्ध अध्ययन संकाय में 07 अन्तर्राष्ट्रिय शोध पत्र, 09 नेशनल रिसर्च पेपर प्रकाशित किए गए हैं तथा संकाय में अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं। जन्तु एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग में 48 रिसर्च पेपर तथा 09 छात्र/छात्राओं के प्लेसमेंट हुए है। वनस्पति एवं सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग में 54 रिसर्च पेपर, गणित एवं सांख्यिकी विभाग में भी शोध कार्य संचालित हैं। प्राध्यापकों के द्वारा शोध प्रकाशन किया जा रहा है। वेद, दर्शन, कम्प्यूटर विज्ञान, योग विज्ञान, बी0फार्मा, हिन्दी, मनोविज्ञान इत्यादि विभागों में शोध कार्य, कार्यशाला और अध्यापकों के लिए अनुस्थापन कार्यक्रम संचालित किए गए है। शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग के छात्र एवं छात्राओं द्वारा हाकी प्रतियोगिता, बास्केटबाल के क्षेत्र में समविश्वविद्यालय का नाम देश स्तर पर स्थापित किया गया है जिसके लिए सभी शिक्षक और शिक्षिकाएं बधाई के पात्र हैं तथा भविष्य में भी गुरुकुल को नाम रोशन करते रहेंगे।
कन्या गुरुकुल परिसर, देहरादून की प्राध्यापिकाओं द्वारा उच्च स्तर के 15 रिसर्च पेपर प्रकाशित किए गए है। परिसर में 01 रिसर्च प्रोजेक्ट एकेडमिक और विदेश यात्रा भी की गयी हैं। देहरादून परिसर में सभी विभाग भी अच्छा कार्य कर रहे है।
आप सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, छात्र/छात्राओं से यह कहना चाहती हूं कि सभी मिलकर समविश्वविद्यालय में शैक्षणिक वातावरण बनाकर इसको आगे बढ़ाने का कार्य पूर्ण कर्तव्य निष्ठा के साथ करेंगे। संस्थान की पहचान शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों से होती है और विद्यार्थी संस्थान की शोभा होते हैं।
अंत में, आइए हम सभी संकल्प लें कि हम संविधान का सम्मान करेंगे, राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखेंगे, और अपने कर्तव्यों का निष्ठा से पालन करते हुए भारत को विश्वगुरु बनाने में अपना योगदान देंगे। साथ ही गुरुकुलकांगड़ी सम विश्वविद्यालय को देश की उच्च कोटि का संस्थान बनाने में आप सभी का योगदान निष्पक्ष रूप से होंना चाहिए। पिछले तीन माहों में मैंने आंकलन औऱ अवलोकन किया है सभी शिक्षक अपने कर्तव्यों का अनुपालन कर रहे है और साथ ही कर्मचारियों की भूमिका भी अविस्मरणीय रही है। हम सब मिलकर इस संस्थान को आगे बढ़ाने में सफल होंगे। यही हमारीअमर हुआत्मा श्रध्दानंद जी को सच्ची श्रध्दांजलि होगी।
इस अवसर पर प्रो एल पी पुरोहित,प्रो विवेक गुप्ता , प्रो देवेंद्र कुमार गुप्ता,प्रो प्रभात कुमार,प्रो पंकज मदान, प्रो दिनेश शास्त्री, प्रो ब्रह्मदेव,प्रो मुकेश कुमार,प्रो सत्य देव निगमांकर,प्रो नमिता जोशी, प्रो सीमा शर्मा, प्रो मुदिता अग्निहोत्री, डॉ राकेश भटियानी,डॉ अजित तोमर,डॉ सुनील कुमार, डॉ अजेंद्र कुमार डॉ निधि हांडा, डॉ बबलू वेदालंकार, डॉ शिव कुमार चौहान, रजनीश भारद्वाज, नरेंद्र मलिक, अरविंद कुमार ,हेमन्त सिंह नेगी,डॉ पंकज कौशिक,कुलभूषण शर्मा शिक्षक,शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे औऱ डॉ अजय मलिक ने संचालन किया।
