
हरि न्यूज
हरिद्वार।”हिन्दी के द्वारा राष्ट्रीयता की भावना जागी है।”राजर्षि पुरुषोत्तमदास टंडन श्रवण सेवा एवं शोध संस्थान और हिन्दी सेवा समूह के संयुक्त तत्वावधान में, हरिद्वार में प्रथम बार हिन्दी के महान सेवक भारतरत्न राजर्षि पुरुषोत्तमदास टंडन की जयन्ती पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन प्रार्थना आश्रम, खड़खड़ी में किया गया।

कार्यक्रम के अध्यक्षता पं.ज्वालाप्रसाद शांडिल्य (वरिष्ठ साहित्यकार), मुख्य अतिथि प्रो•(डॉ•) संजीव मेहरोत्रा (प्राचार्य : रा• म• वि•, भूपतवाला ), विशिष्ट अतिथि डॉ• एन• पी• सिंह ( विभागध्यक्ष हिन्दी, देव संस्कृति विश्वविद्यालय,हरिद्वार )संयोजिका डॉ• अर्चना रानी वालिया (अस्सिटेंट प्रोफेसर : हिन्दी, रा• म• वि•,भूपतवाला ),आयोजक डॉ• अशोक गिरि (संस्थापक श्रवण सेवा एवं शोध संस्थान, हरिद्वार ) तथा संचालिका अपराजिता ‘उन्मुक्त'(ओजस्वी कवयित्री )थीं।

कार्यक्रम का शुभारम्भ सरस्वती तथा टंडन जी के सम्मुख दीप प्रज्वलन से हुआ।वृन्दा शर्मा ने सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की। सभी ने टंडन जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने टंडन जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बारे में विस्तार से अपने विचार रखे। टंडन जी एक महान हिन्दी सेवक होने के साथ-साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी,अधिवक्ता, साहित्यकार, राजनेता, समाज सेवक तथा चिंतक भी थे।कार्यक्रम में कविता – पाठ भी किया गया।कई कविता हिन्दी भाषा को समर्पित थीं।

कार्यक्रम में दीनदयाल दीक्षित, डॉ• सुशील त्यागी, प्रदीप शर्मा और वृन्दा शर्मा को हिन्दी सेवा समूह को विशेष सहयोग देने के लिए सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के अन्त में, डॉ• अशोक गिरि ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, कि अब समय आ गया है ; हिन्दी को राष्ट्रभाषा का स्थान दिलाने का। हमें इसके लिए अपने -अपने स्तर पर प्रयास करना होगा।कार्यक्रम में डॉ• अरविन्दनारयण मिश्र, अभिनन्दन अभि, बृजेन्द्र हर्ष, डॉ• मेनका त्रिपाठी, डॉ• रजनी रंजना, अरुण पाठक, दीपा माहेश्वरी, डॉ• श्याम बनौधा, कंचन प्रभा, लीना इंशा, डॉ•संजीव भट्ट, दीपक पंवार, सुयश केसरवानी,प्रमोद गिरि,प्रेमी शंकर प्रेमी, आदर्शिनी श्रीवास्तव, चाँद गिरि और सुमनलता इत्यादि ने प्रतिभाग किया।