
बरसात का पानी उफान पर
कच्चा मार्ग हुआ ध्वस्त दलदल भूमि के कारण पैदल चलना हुआ मुश्किल,कॉलेज मार्ग में जीव जंतुओं का डर

हरि न्यूज
लालढांग/हरिद्वार। हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के लालढांग क्षेत्र में 12करोड़ की धनराशि से बना राजकीय मॉडल महाविद्यालय मीठीबेरी कॉलेज में स्टाफ ओर छात्र छात्राओं का पहुंच पाना मुश्किल हो गया है।आजकल भारी बरसात के चलते राजकीय मॉडल महाविद्यालय मीठीबेरी कॉलेज एक बार फिर सुर्ख़ीयों में आ गया है पहली बरसात ने ही कॉलेज मार्ग की सड़कों बुरा हाल कर दिया है तेज बरसात से सड़क मार्ग पर पानी ही पानी नज़र आ रहा है जिसके चलते से किसी की गाड़ी धँसी,किसी को साँप मिला, छात्र छात्राओं ओर स्टाफ का जनजीवन अस्त व्यस्त नज़र आया।

वैसे तो कॉलेज मार्ग में कच्चा रास्ता है जो पानी से लबालब हो गया है और ऐसे में वहाँ पर आवागमन बंद हो गया। प्रोफ़ेसर अर्चना गौतम प्राचार्य को सभी स्टाफ़ ने शिकायती पत्र देते हुए गंभीर स्थिति को अवगत कराया है कि रास्ता क्षतिग्रस्त होने के कारण कॉलेज में आना असंभव है और कॉलेज प्राचार्य ने उस पत्र को मार्गदर्शन के लिए निदेशालय हल्द्वानी भेज दिया है । उच्च अधिकारियों से प्राप्त निर्देशों के बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

स्टॉफ में प्रोफ़ेसर सतेंद्र कुमार, डॉक्टर सुनील कुमार, डॉक्टर कुलदीप चौधरी, डॉक्टर अरविंद वर्मा, डॉक्टर सुनीता बिस्ट, डॉक्टर सुमन पांडे, ऑफ़िस स्टाफ़ में श्रीमती पूनम, शशिधर उनियाल, नॉन स्टॉप में कुलदीप व सुरज आदि ने कॉलेज के प्राचार्य को ज्ञापन दिया है।
कल बड़ी मुश्किल से कॉलेज पहुँच पाए थे लेकिन आज 10 फ़ीट के गड्ढे हो गए हैं गाड़ी तो दूर पैदल जाना भी दुश्वार हो गया है।
अब चिंता का कारण बना हुआ है यदि इस प्रकार की बरसात लगातार रही तो आने वाले समय में किस प्रकार स्टाफ ओर छात्र कॉलेज कैसे पहुँच पाएंगे जहाँ ना बिजली है ना पानी है ना रास्ता है न सड़क है।

चिंतन की बात है कि सरकार ने 12 करोड़ का कॉलेज जंगल में बनवाकर खोल तो दिया है लेकिन मार्ग में आने वाली मुश्किलो के बारे मे नहीं सोचा?अब कॉलेज में तैनात स्टॉफ और कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र छात्राओं के सामने परेशानियां मुंह फैलाए खड़ी है।कॉलेज आना परेशानी भरा ही नहीं अब जोखिम भरा है भारी बरसात के चलते बच्चों का कॉलेज में आना नामुमकिन ही नहीं असंभव भी हो पा रहा हैं ?